मध्य प्रदेश में भाजपा तीसरी सीट के लिए भी कैंडिडेट उतारेगी। दिल्ली से मिली हरी झंडी मिलने के बाद सीएम हाउस में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों के तौर पर दो नेताओं के दस्तावेज भी तैयार करा लिए हैं। इससे पहले शनिवार रात मुख्यमंत्री निवास में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को 8 जून तक भोपाल नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन 8 जून को भोपाल में नामांकन दाखिल करेंगी। इस दौरान पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को मीनाक्षी के नामांकन में शामिल होने को कहा है। एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं मीनाक्षी मीनाक्षी नटराजन उज्जैन जिले के नागदा (बिरलाग्राम) की रहने वाली हैं। उनका जन्म 23 जुलाई, 1973 को हुआ था। छात्र राजनीति से उभरीं मीनाक्षी NSUI की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से जैव रसायन में एमएससी और कानून (LLB) की डिग्री प्राप्त की है। 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने मंदसौर सीट से कांग्रेस के टिकट पर भारी मतों से जीत हासिल की थी। राहुल गांधी की करीबी मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन फिलहाल कांग्रेस की तेलंगाना प्रभारी हैं। वे दो किताबों की लेखिका भी हैं “1857 भारतीय परिप्रेक्ष्य” और “अपने अपने कुरुक्षेत्र”। पार्टी में उन्हें जमीनी स्तर की मजबूत संगठनात्मक क्षमता, सादगी और महिलाओं व युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली नेता के रूप में जाना जाता है। तीसरी सीट का पूरा गणित विधानसभा में प्रभावी विधायक : 228 राज्यसभा की 3 सीटों के लिए जीत का आंकड़ा : 58 वोट भाजपा विधायक : 164 कांग्रेस विधायक : 64(विजयपुर विधायक मतदान नहीं करेंगे) बीएपी : 1 विधायक भाजपा के पास कितने वोट? 2 सीटें जीतने के लिए भाजपा को चाहिए 116 वोट 164 में से 116 वोट देने के बाद बचेंगे 48 वोट तीसरी सीट जीतने के लिए चाहिए 58 वोट(यानी भाजपा को चाहिए 10 अतिरिक्त वोट) कांग्रेस के पास कितने वोट? कांग्रेस के प्रभावी वोट 63(बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति स्पष्ट नहीं) बीएपी का समर्थन मिला तो कुल 64 वोट(जीत के लिए जरूरी 58 वोट से 6 ज्यादा) तीसरी सीट कैसे जीतेगी भाजपा? भाजपा के 48 वोट + 10 अतिरिक्त वोट = 58 यानी कम से कम 10 विधायकों की क्रॉस वोटिंग या विपक्षी खेमे से उतना ही अतिरिक्त समर्थन चाहिए।


