बिजनौर जिले में गुलदार के हमलों को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक बार फिर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत विभाग ने एक नया वीडियो जारी किया है, जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही, गुलदारों को पकड़ने के लिए जिले भर में 100 से अधिक पिंजरे भी लगाए गए हैं। दरअसल, बिजनौर जिले में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है। कुछ समय शांत रहने के बाद गुलदार फिर से सक्रिय हो जाते हैं। गुलदार के हमलों में अब तक सैकड़ों लोग घायल हुए हैं, जबकि 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। गन्ने की फसल कटने के बाद छिपने की जगह न मिलने और भीषण गर्मी में पानी की तलाश में गुलदार रिहायशी इलाकों में देखे जा रहे हैं। वन विभाग एक ओर गुलदारों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों को उनके हमलों से बचाने के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान चला रहा है। विभाग पंपलेट, वॉल पेंटिंग और गांव-गांव में अपनी टीमों के माध्यम से प्रचार कर रहा है। अब एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें गुलदार से बचने के उपाय बताए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नुक्कड़ नाटकों के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बिजनौर के डीएफओ जय सिंह कुशवाहा ने बताया कि गन्ने की फसल कटने के बाद गुलदारों को छिपने की जगह नहीं मिल रही है। साथ ही, अधिक गर्मी के कारण वे पानी की तलाश में इधर-उधर घूमते देखे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जहां भी गुलदार देखे जाने की सूचना मिलती है, वहां रेस्क्यू के लिए पिंजरे लगाए जा रहे हैं। पिछले साल 36 गुलदार और एक बाघ पकड़ा गया था, जबकि इस साल जनवरी से अब तक 23 गुलदार पकड़े जा चुके हैं। पकड़े गए गुलदारों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जा रहा है।


