AI की जंग में बड़ा मोड़, चीन ने Meta की सबसे बड़ी डील पर लगाई रोक; जानें पूरा मामला

AI की जंग में बड़ा मोड़, चीन ने Meta की सबसे बड़ी डील पर लगाई रोक; जानें पूरा मामला

Meta AI Deal Blocked: अमेरिका और चीन के बीच तकनीक को लेकर चल रही जंग में एक नया मोड आ गया है। चीन ने Meta के मालिक मार्क जुकरबर्ग को बड़ा झटका दिया है। चीन के नियामकों ने आधिकारिक तौर पर Meta Platforms को AI स्टार्टअप Manus के अधिग्रहण से रोक दिया है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की टॉप इकोनॉमिक प्लानिंग संस्था नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) ने दोनों कंपनियों को यह डील तुरंत कैंसिल करने का ऑर्डर दिया। बता दें कि यह फैसला कई महीनों की जांच के बाद आया, जिसमें देखा गया कि यह डील चीन के सख्त एक्सपोर्ट कंट्रोल और नेशनल सिक्योरिटी रूल्स का उल्लंघन तो नहीं कर रही।

क्या है Manus और चीन को क्यों है आपत्ति

बता दें कि Manus उस AI स्टार्टअप का नाम है जिसने 2025 की शुरुआत में दुनिया का पहला जनरल AI एजेंट पेश किया था। यह सॉफ्टवेयर यूजर की तरफ से खुद बड़े और पेचीदा काम कर सकता है। यानी यह सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देता, बल्कि काम भी पूरा करता है।

कागजों पर Manus सिंगापुर की कंपनी है, लेकिन असलियत यह है कि इसकी मुख्य तकनीक बीजिंग और वुहान में बैठी टीमों ने बनाई है। 2025 के मध्य में जब Manus ने अपना दफ्तर सिंगापुर शिफ्ट करना शुरू किया और चीनी सोशल मीडिया से गायब होने लगा, तो बीजिंग के कान खड़े हो गए।

टेक्नोलॉजी चोरी का डर

चीनी अधिकारियों को लगा कि यह एक सोची-समझी चाल है। पहले तकनीक चीन में बनाओ, फिर कंपनी को विदेश ले जाओ और फिर किसी अमेरिकी कंपनी को बेच दो। इसे बीजिंग ने टेक्नोलॉजी लीकेज का नाम दिया। 

फाइनेंशियल टाइम्स और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक Manus के सह-संस्थापकों को मार्च में चीनी अधिकारियों के सामने बुलाया गया था और तब से उन्हें देश छोड़ने की इजाजत नहीं दी गई है।

अमेरिका की चाल का चीन ने दिया जवाब

दरअसल, यह सब अचानक नहीं हुआ। चीन 2020 से ही अपनी तकनीक के निर्यात पर कड़ी नजर रखे हुए है। जब अमेरिका ने ByteDance को TikTok का अमेरिकी कारोबार बेचने पर मजबूर किया और Nvidia के हाई-एंड AI चिप्स की बिक्री रोकी, तो चीन ने भी अपनी रणनीति बदल ली। Meta पर रोक को इसी जवाबी कार्रवाई की एक कड़ी माना जा रहा है।

अमेरिका ने भी कसी कमर

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में एक सख्त निर्देश जारी किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि चीन अमेरिकी AI तकनीक को इंडस्ट्रियल स्केल पर चुरा रहा है। व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के निदेशक माइकल क्रैट्सिओस ने यह मेमो लिखा। साथ ही अमेरिका ने अमेरिकी पैसे को चीनी AI और सेमीकंडक्टर में जाने से रोकने के भी कड़े नियम बनाए हैं।

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