बिहार की राजनीति में आज सबसे बड़ी हलचल देखने को मिल रही है, जहां भाजपा पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है। यह बड़ा राजनीतिक बदलाव वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ है, जो अब राज्यसभा जाने वाले हैं। इस बीच, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार न तो बिहार मंत्रिमंडल का हिस्सा होंगे और न ही उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाएगा।
निशांत कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने पर सस्पेंस खत्म
पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सूबे का नया डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि, अब सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वह सरकार में कोई आधिकारिक पद नहीं संभालेंगे। इससे पहले 8 मार्च को जब निशांत ने जेडीयू ज्वाइन की थी, तब से ही उनके सक्रिय राजनीति में बड़े रोल को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
कौन हैं निशांत कुमार?
1980 में जन्मे निशांत कुमार स्वभाव से अत्यंत संकोची और सरल व्यक्ति माने जाते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट कैरेंस स्कूल और फिर मसूरी के मानव भारती स्कूल से की। स्वास्थ्य कारणों से पटना लौटने के बाद उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से शिक्षा पूरी की और बाद में इंजीनियरिंग में स्नातक किया। वह हमेशा से सुर्खियों से दूर रहना पसंद करते रहे हैं।
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जेडीयू में निशांत की एंट्री
निशांत कुमार को हाल ही में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की मौजूदगी में पार्टी में शामिल किया गया था। पार्टी में शामिल होने के दौरान निशांत ने अपने पिता के राज्यसभा जाने के फैसले को उनका निजी निर्णय बताया था। उन्होंने कहा था कि वह संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे और अपने पिता के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेंगे।
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बिहार का नया सियासी समीकरण
नीतीश कुमार द्वारा राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद अब भाजपा के नए सीएम के नाम का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व जल्द ही किसी चौंकाने वाले नाम का ऐलान कर सकता है। राज्य में पहली बार भाजपा की अगुवाई वाली सरकार को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।


