अलीगढ़ के थाना क्वार्सी के रामघाट रोड स्थित गंगा जवाहर कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे डक्ट में गिरे प्रॉपर्टी डीलर हरिओम वर्मा (58) की लिफ्ट में दबकर मौत हो गई। तीन मंजिला रसिक अपार्टमेंट में लिफ्ट का चैनल खोलते ही उसके डक्ट (गड्ढे) में प्रॉपर्टी डीलर गिर गए। इसी दौरान तकनीकी खराबी से ऊपर लटकी लिफ्ट के अचानक गिरने से वह दब गए। उधर परिजन के कहने पर पुलिस ने पंचनामा भरकर बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव सुपुर्द कर दिया। प्रॉपर्टी दिखाने पहुंचे थे रसिक अपार्टमेंट मैरिस रोड स्थित हरिओम नगर निवासी हरिओम वर्मा प्रॉपर्टी डीलर थे। वह शनिवार को रसिक अपार्टमेंट निवासी आशा चौधरी को एक प्रॉपर्टी दिखाने के लिए बुलाने पहुंचे थे। यहां आशा चौधरी के फ्लैट पर जाने के लिए उन्होंने लिफ्ट का बटन दबाया। तकनीकी खराबी होने पर भी खुला लिफ्ट का दरवाजा लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण ऊपर अटकी हुई थी। बावजूद इसके बटन दबाने पर ग्राउंड फ्लोर का सुरक्षा दरवाजा खुल गया। लिफ्ट में अंदर अंधेरा होने पर हरिओम वर्मा को लगा कि लिफ्ट नीचे आ चुकी है। इसी भ्रम में वह सीधे लिफ्ट के गहरे डक्ट में जा गिरे। इतने में ही ऊपर अटकी लिफ्ट तेजी से नीचे गिरी, जिसमें वह दब गए। हादसा होते ही अपार्टमेंट में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद केयरटेकर इम्तियाज छत की तरफ दौड़े और मशीन के जरिए लिफ्ट को ऊपर खींचा। इसके बाद लोगों ने लहूलुहान हालत में हरिओम वर्मा को डक्ट से बाहर निकाला और पं. दीनदयाल संयुक्त जिला चिकित्सालय ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह और थाना क्वार्सी पुलिस पहुंच गई। गंभीर लापरवाही सामने आई एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह ने बताया कि हादसे की जानकारी पर वह मौके पर पहुंचे थे। यहां जांच में लिफ्ट की सुरक्षा और रखरखाव में लापरवाही सामने आई है। लिफ्ट खराब होने के बावजूद चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं, जो भी दोषी होगा उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक महीने में तीसरी मौत हरिओम वर्मा की मां केसर देवी का 22 दिन पहले निधन हो गया था। इसके एक दिन बाद ही उनके छोटे भाई संजय की पत्नी का निधन हो गया था। इन दो मौतों के शोक से परिवार अभी ठीक से उबरा भी न था कि हरिओम वर्मा की मौत ने पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। हरिओम वर्मा चार भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई काली सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते हैं। तीसरे नंबर के मोंटू और चौथे नंबर के भाई संजय चालक हैं। प्रापर्टी डीलर अपने पीछे पत्नी सहित दो पुत्रों चिंटू और दीपक तथा बेटी गुंजन को रोता छोड़ गए हैं।


