शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर और भविष्य में संभावित जलसंकट को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण परियोजना शुरू कर रहा है। इसमें IIT रुड़की और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के टेक्निकल मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग से इसे शुरू किया जाएगा। ये काम महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर किया जाएगा। देशभर में भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए NIUA ने 75 शहरों का चयन किया है। इसमें एमपी से केवल इंदौर, देवास और उज्जैन को शामिल किया गया है। यह परियोजना शहरी क्षेत्रों में बारिश के पानी के संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना में इंदौर शहर के 10 प्रमुख जगहों पर वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से बारिश के पानी का संचयन और शैलो एक्विफर के पुनर्भरण के लिए संरचनाओं को बनाया जाएगा। इन कामों के लिए 50 रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डिटेल सर्वे और स्टडी के बाद जगह चयनित आईआईटी रुड़की ने इंदौर शहर की वर्षा पद्धति, भूगर्भीय संरचना (लिथोलॉजिकल डेटा), जलभराव की स्थिति, भूजल स्तर तथा अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया। इसके बाद जनवरी एवं अप्रैल माह में 20 संभावित स्थलों का साइट निरीक्षण किया गया। तकनीकी परीक्षण एवं व्यवहार्यता स्टडी के आधार पर पहले चरण में 10 जगहों को चयनित किया गया है। ये हैं वह चयनित जगह परियोजना की डीपीआर के अनुसार इन जगहों पर काम किया जाएगा। इनमें – इन सभी जगहों पर बारिश के पानी को वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से संग्रहित कर शैलो एक्विफर में पहुंचाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। किए जाएंगे ये प्रमुख काम
परियोजना के तहत वर्षा जल संरक्षण एवं पुनर्भरण के लिए विभिन्न संरचनात्मक एवं तकनीकी काम किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से नेहरू स्टेडियम बनेगा मॉडल रिचार्ज साइट परियोजना के तहत नेहरू स्टेडियम को मॉडल साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लगभग 5315 वर्गमीटर क्षेत्रफल से बारिश के पानी का संग्रहण किया जाएगा और रोजाना लगभग 51 घन मीटर पानी को भूजल स्तर में रिचार्ज किया जा सकेगा। यह व्यवस्था वर्षा ऋतु में बड़ी मात्रा में जल संरक्षण का माध्यम बनेगी। शहर को मिलेगा लाभ इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से शहर को अनेक दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे, इसमें मुख्य रूप से – सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट की दिशा में बड़ा कदम यह परियोजना कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली योजना के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके माध्यम से इंदौर शहर शहरी जल प्रबंधन एवं भूजल संवर्धन के क्षेत्र में देश के अन्य शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकेगा। इंदौर नगर निगम के ड्रेनेज विभाग ने इन कामों का काम के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू कर दी है। जल्द ही निर्माण काम शुरू किया जाएगा।


