Bhupesh Baghel Statement: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीएम मोदी पर दिए गए बयान ने सियासत गरमा दी है। भूपेश बघेल ने कहा कि अगर मोदी जी से देश नहीं संभल रहा है, तो उन्हें कुर्सी छोड़ देनी चाहिए और भाजपा किसी अन्य नेता को प्रधानमंत्री बना सकती है। इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे अपमानजनक बताते हुए पलटवार किया है। बयान को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
Bhupesh Baghel Statement: क्या कहा भूपेश बघेल ने?
मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि यह कुर्सी है तुम्हारा जनाज़ा तो नहीं, जब कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।” उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी से देश नहीं संभल रहा है, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए और भारतीय जनता पार्टी किसी अन्य नेता को प्रधानमंत्री बना सकती है, लेकिन देश को बर्बाद नहीं होने देना चाहिए।
सरकार की नीतियों पर भी उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “खेल होना चाहिए, इससे कौन इंकार करता है, लेकिन जब देश संकट में हो तब क्या प्राथमिकता होनी चाहिए? एक तरफ आप डॉलर बचाने की बात करते हैं, मितव्ययिता की बात करते हैं, और दूसरी तरफ खुद अपव्यय करते हैं। दोनों बातें एक साथ नहीं चल सकतीं।” उनके इस बयान को केंद्र सरकार की कार्यशैली और आर्थिक नीतियों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
बीजेपी ने किया पलटवार
भूपेश बघेल के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रायपुर के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि भूपेश बघेल ऐसे बयान सिर्फ राजनीतिक लाभ और अपनी छवि मजबूत करने के लिए देते हैं।
भाजपा नेता ने कहा,
“भूपेश बघेल शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार बयान देते हैं। उनके कई बयानों का उद्देश्य केवल अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना होता है, न कि जनता के मुद्दों पर गंभीर चर्चा करना।”
Bhupesh Baghel Statement: सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल
भूपेश बघेल के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ समेत राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है। एक तरफ कांग्रेस इसे सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का जरिया बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक नौटंकी और ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है। फिलहाल, भूपेश बघेल के इस बयान ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को फिर गरमा दिया है और अब सबकी नजर भाजपा और कांग्रेस की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।


