Police Misconduct: भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा थाना प्रभारी बच्छराज चौधरी को जमीन और रास्ते के विवाद को लेकर थाने बुलाए गए दो पक्षों में एक पक्ष को मर्यादा लांघते हुए गाली गलौज की और धमकाना भारी पड़ा है। सोशल मीडिया पर थाना प्रभारी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने तत्काल एक्शन लेते हुए मंगलवार रात लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि वायरल वीडियो की राजस्थान पत्रिका पुष्टि नहीं करता है। मामले की जांच त्वरित अनुसंधान सैल के एएसपी हेमंत कुमार को सौंपी है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार बनेड़ा थाना क्षेत्र के बबराणा गांव के प्रभुलाल और मुकेश कुमार के बीच खेत व बाड़े का गेट निकालने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद शांत कराने के उद्देश्य से थाना प्रभारी चौधरी ने दोनों पक्षों को अपने कक्ष में बुलाया। जहां कानून का पाठ पढ़ाने वाले थाना प्रभारी खुद आपा खो बैठे।
वीडियो के अनुसार, जब फरियादी प्रभुलाल अपनी बात पर अड़ा रहा, तो थानाप्रभारी इस कदर तैश में आ गए कि उन्होंने मर्यादा लांघते हुए गाली गलौज की और धमकाने लगे। इसका एक पक्ष ने वीडियो बना लिया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला प्रसंज्ञान में आने के बाद एसपी ने थाना प्रभारी बच्छराज चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया।
थानेदार के दोगले बोल, वीडियो एडिट करने का आरोप
दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद और सोशल मीडिया पर मचे बवाल को लेकर थाना प्रभारी बच्छराज चौधरी ने पुलिस का पक्ष रखते हुए अपनी सफाई पेश की है। थाना प्रभारी का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच शांति व्यवस्था कायम करने के लिए समझाइश का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन प्रभुलाल कुमार लगातार अड़ियल रुख अपनाए हुए था और मानने को तैयार नहीं था। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आखिरकार पुलिस को उसके खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे पाबंद करना पड़ा।
वायरल वीडियो के संदर्भ में थाना प्रभारी ने दावा किया कि यह वीडियो खुद प्रभुलाल ने बनाया है और इसे तोड़-मरोड़ कर संपादित (एडिट) किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझाइश के दौरान किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से ठेस पहुंचाने या अपशब्द कहने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।
विभागीय स्तर पर हो रही जांच
पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने बताया कि बनेड़ा पुलिस थाने में हुए घटनाक्रम का वीडियो सामने आते ही तुरंत गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया। समूचे मामले की विभागीय स्तर पर जांच करवाई जा रही है।


