इजराइल ने लेबनान के साथ फिर जंग छेड़ दी है। इजराइल की सेना ने सोमवार को रातभर लेबनान में 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए। ये हमले तब हुए जब अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनाव बढ़ गया है।
इस हमले पर इजराइल का कहना है कि ये अटैक हिजबुल्लाह के ठिकानों पर किए गए, लेकिन इसमें कई आम नागरिकों की मौत की खबरें आ रही हैं।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। वहीं, मारे गए लोगों के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बेरूत में अचानक तबाही
कल रात अचानक बेरूत के कई इलाकों में धमाकों की आवाजें गूंजीं। आसमान में धुआं छा गया। लोग घरों से बाहर निकलकर भागने लगे। हमलों के बाद कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं। अस्पतालों में खून की कमी हो गई, लोगों से ब्लड डोनेट करने की अपील की गई।
इजराइली सेना ने दावा किया कि 50 लड़ाकू विमानों ने महज 10 मिनट में 160 बम गिराए। उनका टारगेट हिजबुल्लाह का कमांड सेंटर, हथियारों के गोदाम और सीनियर कमांडर थे। लेकिन लेबनान के लोग कह रहे हैं कि कई हमले आबादी वाले इलाकों में हुए जहां आम लोग रहते हैं।
सीजफायर के बावजूद हमले
बता दें कि अमेरिकी की मध्यस्थता के बाद इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू था। इसके बावजूद, इजराइल ने यह खतरनाक हमले किए हैं। सीजफायर को लेकर भी लेबनान को संघर्ष करना पड़ा था।
जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हुआ तो इजरायल ने साफ कहा कि लेबनान इस डील का हिस्सा नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे अलग मुद्दा बताया।
ईरान की तरफ से चेतावनी दी गई कि अगर इजराइल ऐसे हमले जारी रखेगा तो वो युद्धविराम से बाहर हो सकता है। लेबनान के लोग पहले से ही बहुत परेशान हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से 15 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़कर भाग चुके हैं। कई गांव खाली पड़े हैं।
यूएन की तरफ से भी की गई हमलों की निंदा
यूएन की तरफ से भी इन हमलों की निंदा की गई है। UN के ह्यूमन राइट्स चीफ ने इसे भयानक बताया। अभी तक हिजबुल्लाह की तरफ से कोई बड़ा जवाब नहीं आया है। लेकिन लेबनान की सेना और स्वास्थ्य अधिकारी लगातार घटकों की संख्या बढ़ने की बात कर रहे हैं। कई बच्चे और महिलाएं भी इस हमले में घायल हुई हैं।




(@ejmalrai)