लखनऊ: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी पर जानलेवा हमले की घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस हमले की तीखी निंदा करते हुए भाजपा पर करारा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने कहा, ‘भाजपा याद रखे कि वो जिस हिंसक राजनीति को दूध पिलाकर पाल-पोस रही है, वो आस्तीन का सांप है।’
वयोवृद्ध तृणमूल सांसद श्री कल्याण बनर्जी जी पर जानलेवा हमला बेहद निंदनीय और गंभीर घटना है। अखिलेश यादव ने लोकसभा स्पीकर से भी इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।
ज्ञापन देने पहुंचे थे TMC सांसद कल्याण बनर्जी
चंडीतला पुलिस स्टेशन के सामने TMC सांसद कल्याण बनर्जी अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले में गिरफ्तार TMC कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने से पहले ही भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने “चोर-चोर” के नारे लगाए, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया।
इसी दौरान किसी ने कल्याण बनर्जी पर पत्थर या गेंद जैसी वस्तु से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर चोट आई। सिर पर भीगा रूमाल रखे हुए कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने जा रहे लोगों पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित था।

अखिलेश का तीखा हमला
अखिलेश यादव ने इस घटना को भाजपा की बढ़ती हिंसक राजनीति का सबूत बताते हुए कहा कि भाजपा जहां भी सत्ता में है या सत्ता पाने की कोशिश कर रही है, वहां लोकतंत्र और विपक्षी आवाजों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस हिंसा और गुंडागर्दी को भाजपा पाल रही है, वह एक दिन खुद भाजपा के लिए खतरा बन जाएगी।
समाजवादी पार्टी ने पूरे मामले को “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया है और मांग की है कि केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों इस घटना की निष्पक्ष जांच कराएं तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें।
भाजपा ने बताया ड्रामा
भाजपा ने कल्याण बनर्जी के हमले के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “ड्रामा” बताया है। भाजपा का कहना है कि कल्याण बनर्जी ध्यान भटकाने के लिए यह नाटक कर रहे हैं।
हालांकि, अखिलेश यादव का बयान साफ संदेश देता है कि विपक्षी दलों पर हो रहे हमलों की श्रृंखला अब सहन करने लायक नहीं रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की संस्कृति विपक्ष को कुचलने की है, लेकिन जनता अब इस खेल को अच्छी तरह समझ चुकी है।


