मधेपुरा के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भेलवा वार्ड 6 घोडमोहा गांव में सरकारी सड़क की जमीन से अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस घटना में थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में बीडीओ सह अंचल अधिकारी शाएक आलम के लिखित आवेदन पर 26 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ गम्हरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अनुमंडल दंडाधिकारी एवं जिलाधिकारी के आदेश के आलोक में अतिक्रमण वाद संख्या 03/2022-23 के तहत की जा रही थी। 30 अप्रैल को गम्हरिया थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस लाइन मधेपुरा से आए सशस्त्र बल के साथ टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर से पुलिस पर हमला प्रशासनिक टीम जब भभनी गांव निवासी महेंद्र यादव और विजो यादव के घर के पास पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, तभी आरोप है कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत दोनों सहित 26 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में थानाध्यक्ष गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके हाथ, माथा, पैर और पीठ में चोटें आई हैं। उनके सरकारी और निजी मोबाइल फोन भी तोड़ दिए गए। झड़प में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। हमलावरों ने जेसीबी मशीन और सुरक्षा उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई को बताया जबरन वहीं, दूसरी ओर महेंद्र यादव और विजो यादव के परिजनों ने प्रशासन की कार्रवाई को जबरन बताया है। उनका कहना है कि 4 अप्रैल को नोटिस मिलने के बाद उन्होंने घर खाली कर दिया था, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच घर में शादी की तैयारी चल रही थी। परिजनों के अनुसार गुरुवार को अचानक प्रशासनिक टीम जेसीबी के साथ पहुंच गई और घर तोड़ने लगी। उन्होंने शादी तक कार्रवाई टालने की गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने कार्रवाई रोकने का प्रयास किया तो पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और स्थिति झड़प में बदल गई। मधेपुरा के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भेलवा वार्ड 6 घोडमोहा गांव में सरकारी सड़क की जमीन से अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस घटना में थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में बीडीओ सह अंचल अधिकारी शाएक आलम के लिखित आवेदन पर 26 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ गम्हरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अनुमंडल दंडाधिकारी एवं जिलाधिकारी के आदेश के आलोक में अतिक्रमण वाद संख्या 03/2022-23 के तहत की जा रही थी। 30 अप्रैल को गम्हरिया थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस लाइन मधेपुरा से आए सशस्त्र बल के साथ टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर से पुलिस पर हमला प्रशासनिक टीम जब भभनी गांव निवासी महेंद्र यादव और विजो यादव के घर के पास पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, तभी आरोप है कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत दोनों सहित 26 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में थानाध्यक्ष गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके हाथ, माथा, पैर और पीठ में चोटें आई हैं। उनके सरकारी और निजी मोबाइल फोन भी तोड़ दिए गए। झड़प में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। हमलावरों ने जेसीबी मशीन और सुरक्षा उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई को बताया जबरन वहीं, दूसरी ओर महेंद्र यादव और विजो यादव के परिजनों ने प्रशासन की कार्रवाई को जबरन बताया है। उनका कहना है कि 4 अप्रैल को नोटिस मिलने के बाद उन्होंने घर खाली कर दिया था, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच घर में शादी की तैयारी चल रही थी। परिजनों के अनुसार गुरुवार को अचानक प्रशासनिक टीम जेसीबी के साथ पहुंच गई और घर तोड़ने लगी। उन्होंने शादी तक कार्रवाई टालने की गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने कार्रवाई रोकने का प्रयास किया तो पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और स्थिति झड़प में बदल गई।


