‘वह उनकी बात नहीं सुन रहे हैं’, रवींद्र जडेजा की सबसे बड़ी कमी बताते हुए आर अश्विन ने दिया बड़ा बयान

‘वह उनकी बात नहीं सुन रहे हैं’, रवींद्र जडेजा की सबसे बड़ी कमी बताते हुए आर अश्विन ने दिया बड़ा बयान

Ravindra Jadeja Biggest Weakness: भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने स्पिन के खिलाफ रवींद्र जडेजा के सतर्क रवैये पर चिंता जताई है। इसके साथ ही उन्‍होंने जडेजा की टी20 क्रिकेट में एक पुरानी समस्या को भी उजागर किया है। 

Ravindra Jadeja Biggest Weakness: आर अश्विन ने स्पिनरों के सामने रवींद्र जडेजा की बैटिंग अप्रोच पर सवाल उठाए हैं। आईपीएल 2020 के बाद से जडेजा धीमे गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बनाते समय संघर्ष कर रहे हैं। अक्सर विरोधी टीम के कप्तान बीच के ओवरों में स्पिन का इस्तेमाल उन्हें रोकने की रणनीति के तौर पर करते हैं। 2020 और 2025 के बीच स्पिन के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 94.28 का रहा, जो नियमित मध्यक्रम के बल्लेबाजों में सबसे कम में से एक है। जबकि 2018 के बाद से धीमी गेंदबाजी के खिलाफ उनका औसत सिर्फ 21.22 का रहा है। स्पिनरों के खिलाफ खास तौर पर जो गेंद को उनसे दूर घुमाते हैं, उनके खिलाफ जडेजा का स्ट्राइक रेट 100 से नीचे गिर जाता है।

117 गेंदों पर सिर्फ दो छक्‍के लगा पाए जडेजा

यह सिलसिला आईपीएल 2026 में भी जारी है। इस सीजन में अब तक 117 गेंदों पर जडेजा सिर्फ दो छक्के लगा पाए हैं और सभी तरह की गेंदबाजी के खिलाफ चौके-छक्कों का उनका प्रतिशत कम ही रहा है। हालांकि जडेजा तेज गेंदबाजी के खिलाफ एक भरोसेमंद फिनिशर बने हुए हैं, लेकिन इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए उनकी भूमिका ज्‍यादा प्रभावी नहीं लग रही है। क्‍योंकि उन्हें गेंदबाजों पर हमला करने के बजाय, स्पिन ओवरों के दौरान पारी को संभालने का काम सौंपा गया है।

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शुक्रवार रात खेले गए मुकाबले में भी यह साफ दिखा, जहां जडेजा को डोनोवन फरेरा से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, लेकिन वह कोई खास असर नहीं डाल पाए। मिचेल स्टार्क का शिकार बनने से पहले उन्होंने 14 गेंदों में 20 रन बनाए। इस दौरान वह सिर्फ एक चौका और एक छक्‍का लगा पाए।

अश्विन की बेबाक राय

पूर्व भारतीय स्पिन ऑलराउंडर आर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर ऐश की बात पर कहा हक कोच समेत कई लोगों ने रवींद्र जडेजा से स्पिनरों के खिलाफ ज्‍यादा आक्रामक रवैया अपनाने के बारे में बात की है, लेकिन वह उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। 2024 के टी20 विश्व कप के दौरान, जब भी भारत को ऊपरी क्रम में किसी बाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने ज्‍यादा अनुभवी जडेजा के बजाय अक्षर पटेल को चुना। इसकी वजह सीधी-सी है। अक्षर हिचकिचाते नहीं हैं। वह स्पिनरों और बाकी सभी गेंदबाजों का आत्मविश्वास के साथ सामना करते हैं।

जडेजा की सोच धोनी जैसी

अश्विन ने रवींद्र जडेजा और एमएस धोनी के बीच तुलना भी की और दोनों की सोच में समानता होने का इशारा किया। उन्‍होंने कहा कि जडेजा की यह सोच धोनी जैसी ही है, जिनके साथ उन्होंने भारतीय टीम में कई साल बिताए हैं। दोनों ही खेल को आखिर तक ले जाना और तेज गेंदबाज़ों को निशाना बनाना पसंद करते हैं।

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