Measles Cases in Chennai: खसरा कोई मामूली बुखार नहीं है। इसमें बच्चे को तेज बुखार आता है, खांसी-जुकाम होता है और फिर पूरे शरीर पर लाल-लाल दाने निकल आते हैं। यह वायरस हवा के जरिए फैलता है, जब कोई बीमार बच्चा खांसता या छींकता है। इससे बचने का सबसे बेस्ट तरीका है कि आप अपने बच्चे को खसरे का टीका जरूर लगवाएं। अगर जरा भी शक हो कि बच्चा बीमार है, तो उसे दूसरे बच्चों से अलग रखें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। साफ-सफाई रखें और घबराएं नहीं, बस सावधान रहें।
बांग्लादेश की क्या स्थिति है? (Measles Outbreak)
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप काफी गंभीर हो गया है। वहां पिछले कुछ समय में लगभग 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग इससे संक्रमित हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश बल्कि करीब 10 देशों में ये वायरस फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर चिंता जताई है। UNICEF के अनुसार, खसरा (Measles) कोरोना (COVID-19) की तुलना में बहुत तेजी से फैलता है। यह दुनिया के सबसे संक्रामक (contagious) वायरस में से एक माना जाता है।
कोरोना का इससे क्या संबंध? (WHO Alert)
दरसअल कोरोना के समय टीकाकरण से छूटे बच्चों की जान को इस खतरनाक वायरस से खतरा हो सकता है। महामारी के दौरान लॉकडाउन और स्वास्थ्य सेवाओं के दबाव के कारण नियमित टीकाकरण (Routine Immunization) में जो रुकावट आई, उसका असर अब दिख रहा है। यही वजह है कि कई डॉक्टर्स इसे कोरोना से जोड़कर देख रहें है।
क्या भारत को अलर्ट पर रहना चाहिए? (Vaccination)
हां, विशेषज्ञों का कहना है कि मेघालय के बाद अब चेन्नई में भी खसरे का प्रकोप शुरू हो चुका है इसलिए पूरे भारत को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि भारत में टीकाकरण (Vaccination) का स्तर अच्छा है, फिर भी जिन बच्चों को खसरे का टीका नहीं लगा है, उन पर खतरा बना रहता है। सरकार को सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और टीकाकरण अभियान को और मजबूत करने की सलाह दी गई है।
खसरे के लक्षण क्या होते हैं?
- तेज बुखार आना।
- शरीर पर लाल चकत्ते (Rashes) होना।
- खांसी, जुकाम और आंखों का लाल होना।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


