ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अमेरिका (United States Of America) काफी सख्त हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर उनका प्रशासन और सेना ड्रग्स तस्करी के खिलाफ हर ज़रूरी कार्रवाई कर रहे हैं। अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए सेना समय-समय पर ड्रग्स से लदी नावों पर हमले कर रही है और अब एक बार फिर अमेरिकी सेना ने ऐसा ही किया है।
अमेरिकी सेना ने ड्रग्स से लदी नाव पर किया मिसाइल अटैक
अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्ती बरतते हुए एक नाव पर हमला किया है जिस पर ड्रग्स थे। यह कार्रवाई 26 अप्रैल को ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र में की गई, जहाँ अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड (Southcom) के जनरल फ्रांसिस डोनोवन (Francis Donovan) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट ने ड्रग्स से लदी एक नाव पर मिसाइल अटैक कर दिया। जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट के मिसाइल अटैक में नाव पूरी तरह से तबाह हो गई। इस मिसाइल अटैक का वीडियो साउथर्न कमांड के सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया गया है।
3 लोगों की हुई मौत
अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड की जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट के मिसाइल अटैक में न सिर्फ नाव और उस पर मौजूद ड्रग्स तबाह हुए, बल्कि 3 लोगों की मौत भी हो गई। साउथर्न कमांड ने इन तीनों को ‘नार्को आतंकी’ घोषित कर दिया। अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई में उनका कोई भी सैनिक हताहत नहीं हुआ।
ड्रग्स के खिलाफ जारी रहेगा अमेरिका का अभियान
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना अक्सर ही ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र और कैरेबियन सागर क्षेत्र में ड्रग्स से लदी नावों पर मिसाइल अटैक करती है। ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अमेरिका का यह अभियान पिछले साल सितंबर से चल रहा है और ट्रंप साफ कर चुके हैं कि यह अभियान जारी रहेगा। इस अभियान के तहत अब तक अमेरिकी सेना करीब 50 से ज़्यादा मिसाइल अटैक कर चुकी है, जिनमें करीब 185 लोगों की मौत हो चुकी है, जिन्हें अमेरिका ने नार्को-आतंकी बताया है।


