मेरठ शहर में बढ़ती उमस और लगातार बदल रहे मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। गले में दर्द, खांसी और तेज बुखार की शिकायत लेकर रोजाना बड़ी संख्या में मरीज अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव और हवा में धूल-मिट्टी की मात्रा बढ़ने से वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। शुक्रवार को दिनभर मौसम में बदलाव देखने को मिला। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 186 रहा, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक माना जाता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि आगामी दिनों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। साथ ही वातावरण में उमस बनी रहेगी, जिससे लोगों को गर्मी का अधिक अहसास होगा। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अजित चौधरी के अनुसार मौसम में बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिकांश मरीजों में गले में सूजन, दर्द, खांसी, नाक बहना और तेज बुखार जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह मुख्य रूप से वायरल संक्रमण है, लेकिन कुछ मामलों में यह बैक्टीरियल संक्रमण का रूप भी ले सकता है। डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने, पर्याप्त पानी पीने, धूल-मिट्टी से बचाव करने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी है।


