24 लोगों की मौत के बाद अमेरिका पर भड़का ईरान, कहा- इस हमले को न भूलेंगे, न माफ करेंगे

24 लोगों की मौत के बाद अमेरिका पर भड़का ईरान, कहा- इस हमले को न भूलेंगे, न माफ करेंगे

Iran-US War: ईरान ने अमेरिका पर ‘युद्ध अपराध’ करने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान (Iran) का दावा है कि फार्स प्रांत के लामेर्द शहर में एक स्पोर्ट्स हॉल और रिहायशी इलाके पर अमेरिकी मिसाइल हमला (American Missile Attack) किया गया, जिसमें 24 लोगों की मौत हो गई और 130 से ज्यादा लोग घायल हुए। मरने वालों में किशोर वॉलीबॉल खिलाड़ी और एक दो साल की बच्ची भी शामिल बताई गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह हमला गलती नहीं बल्कि सोची-समझी कार्रवाई थी और इसके जिम्मेदारों को अदालत में जवाब देना होगा।

ईरानी नागरिकों पर नए हथियार का परीक्षण– इस्माइल बघाई

इस्माइल बघाई ने कहा कि ‘अब इस बात में कोई संदेह नहीं रह गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने जान-बूझकर लामेर्ड में एक रिहायशी इलाके और एक नागरिक स्पोर्ट्स हॉल को निशाना बनाया।’ उन्होंने दावा किया कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल यानी PrSM से यह हमला किया गया। उनके अनुसार, मिसाइल स्पोर्ट्स हॉल के ऊपर हवा में फटी और उससे हजारों तेज टंगस्टन के टुकड़े चारों तरफ फैल गए, जिससे भारी तबाही हुई। ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि ‘यह कोई गलती नहीं थी यह ईरानी नागरिकों पर एक नई हथियार प्रणाली की विनाशकारी शक्ति को परखने के लिए लिया गया एक सोची-समझी रणनीति के तहत लिया गया निर्णय था।’

अमेरिकी हमले में 24 युवाओं की मौत

ईरान का कहना है कि जिस समय हमला हुआ, उस दौरान स्पोर्ट्स हॉल में बड़ी संख्या में किशोर मौजूद थे। बघाई के मुताबिक ‘अमेरिका की नई PrSM मिसाइल, जिसने 28 फरवरी 2026 को पहली बार युद्ध में हिस्सा लिया, ने फार्स प्रांत के लामर्ड शहर में निर्दोष किशोरों से भरे एक भीड़भाड़ वाले स्पोर्ट्स हॉल पर हमला किया।’ उन्होंने कहा कि ‘हमले में 21 युवा लड़के और लड़कियों की मौत हुई। बाद में कुल मृतकों की संख्या 24 बताई गई। घायलों में कई की हालत गंभीर है।’

सैन्य ठिकाने पर नहीं, नागरिकों पर हमला

ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने इस हमले में नई तकनीक वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया। बघाई ने कहा कि मिसाइल टारगेट पर गिरने से पहले हवा में फटी और उससे करीब 1 लाख 80 हजार टंगस्टन पेलेट्स निकले, जिन्होंने आसपास मौजूद लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचाया। ईरानी सरकार का दावा है कि यह हमला किसी सैन्य ठिकाने पर नहीं बल्कि आम नागरिकों वाले इलाके में किया गया। इसी वजह से तेहरान इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध बता रहा है।

‘हम न भूलेंगे, न माफ करेंगे’

ईरानी प्रवक्ता ने कहा, ‘जिन लोगों ने इस हमले का आदेश दिया और इसे अंजाम दिया, उन्हें किसी भी सक्षम न्यायालय के समक्ष जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘ईरानी राष्ट्र अपने शहीद बेटों और बेटियों को कभी नहीं भूलेगा। हम इस अपराध को न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे। इन आरोपों पर अमेरिका की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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