12 दिन बाद लिंक चैनल में दौड़ा पानी, शहर की पेयजल व्यवस्था को मिली बड़ी राहत

12 दिन बाद लिंक चैनल में दौड़ा पानी, शहर की पेयजल व्यवस्था को मिली बड़ी राहत

श्रीगंगानगर.करीब 12 दिन तक चली सफाई और मरम्मत के बाद शनिवार को साधुवाली से लिंक चैनल में पानी छोड़ दिया गया। इसके साथ ही शहर की पेयजल व्यवस्था को बड़ी राहत मिली है। मुख्य हैडवक्र्स की डिग्गियों में जल भंडारण शुरू हो गया है,जिससे आने वाले दिनों में पेयजल आपूर्ति अधिक सुचारू रहने की उम्मीद है। लंबे समय बाद हुए इस रखरखाव कार्य को जलापूर्ति व्यवस्था की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने लिंक चैनल की मरम्मत और सफाई का कार्य 18 मई को शुरू किया था, जिसे 29 मई की रात करीब तीन बजे पूरा कर लिया गया। इसके बाद शनिवार दोपहर चैनल में पानी प्रवाहित किया गया। विभाग के अधिशाषी अभियंता (शहर) मनिंदरजीत सिंह ने बताया कि मुख्य हैडवक्र्स में वर्तमान में 90 एमएलडी क्षमता के लगभग तीन दिन के जल भंडारण की व्यवस्था है। चैनल की मरम्मत के बाद पानी का प्रवाह बेहतर होगा और जलापूर्ति प्रबंधन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

14 इंच की पाइपलाइन टूटी, शाम तक बहाल हुई सप्लाई

राहत के बीच शनिवार अलसुबह तीन ई छोटी क्षेत्र में 14 इंच व्यास की पाइपलाइन टूट जाने से जलापूर्ति प्रभावित हो गई। विभागीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुबह 11 बजे तक पाइपलाइन को दुरुस्त कर दिया। इसके बाद आए तेज अंधड़ से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जल वितरण कार्य प्रभावित रहा। दोपहर करीब 2:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने पर प्रभावित क्षेत्रों में पानी की सप्लाई शुरू की गई तथा शाम तक ज्योति नगर क्षेत्र में भी जलापूर्ति सामान्य कर दी गई।

पुरानी आबादी सहित कई क्षेत्रों में सुधार

आरयूआइडीपी और पीएचईडी ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की। धींगड़ा पार्क स्थित टंकी से होने वाली जलापूर्ति में आई बाधा को दूर किया गया। टेल एंड क्षेत्रों में कम जलदाब की शिकायत मिलने पर टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया गया। वहीं पुरानी आबादी सहित अन्य क्षेत्रों में लीकेज और ब्लॉकेज की समस्याओं का समाधान कर वितरण तंत्र को दुरुस्त किया गया। आरयूआइडीपी श्रीगंगानगर के अधीक्षण अभियंता दीपक मांडण ने बताया कि शहरवासियों को निर्बाध एवं बेहतर पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी तकनीकी समस्या सामने आई,वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई कर जलापूर्ति को सामान्य किया गया है।

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