बरेली एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील सदर के एक लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल पर जमीन की दाखिल-खारिज कराने के बदले 5 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप था। टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को तहसील परिसर से ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद तहसील और कोतवाली में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध और हंगामा भी किया।
एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल विपिन पटेल को शाम करीब 5 बजे तहसील सदर के कक्ष से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से पीलीभीत जिले के बिलसंडा थाना क्षेत्र के औड़ाझार गांव का रहने वाला है। वह वर्तमान में बरेली के विथरी चैनपुर क्षेत्र की सनराइज कॉलोनी में रह रहा था। आरोपी महेशपुर शिव सिंह क्षेत्र में राजस्व लेखपाल के पद पर तैनात था।
प्लॉट की दाखिल-खारिज के लिए मांगी थी रिश्वत
इज्जतनगर के करमपुर चौधरी निवासी बली मोहम्मद ने एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की थी कि उनके 171 वर्ग गज के प्लॉट की दाखिल-खारिज करने के बदले लेखपाल 5 हजार मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर ट्रैप लगाया। मंगलवार शाम जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी लेखपाल को रिश्वत की रकम दी, टीम ने तत्काल छापा मारकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के हाथ धुलवाए गए तो केमिकल टेस्ट में रिश्वत लेने की पुष्टि भी हो गई।
गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में हंगामा
लेखपाल की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बाद में आरोपी को लेकर टीम कोतवाली पहुंची, जहां कुछ लोगों ने कार्रवाई को लेकर विरोध जताया। इस दौरान काफी देर तक हंगामा और बहस होती रही। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। एंटी करप्शन प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।


