सुल्तानपुर में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता और हाईकोर्ट के अधिवक्ता वंशराज दुबे ने कादीपुर पुलिस पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक वीडियो साझा कर दावा किया कि पुलिस ने मारपीट में घायल हुए व्यक्ति को ही आरोपी बना दिया, जबकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों पर कार्रवाई की गई है। दुबे ने शनिवार को जारी वीडियो में कहा कि शनि निषाद नामक व्यक्ति का हाथ फ्रैक्चर हुआ और सिर में चोट आई, लेकिन एक महीने बाद भी उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बजाय, उसे ही अपराधी बना दिया गया। कादीपुर थाने के उपनिरीक्षक रामकृष्ण सिंह की तहरीर पर 13 मई को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, उन्हें शाम करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि राईबीगो गांव में दो पक्ष लाठी-डंडों से लैस होकर मारपीट कर रहे हैं। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि यह विवाद सरकारी कॉलोनी के निर्माण को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे उग्र थे और पुलिस की बात सुनने को तैयार नहीं थे। इस दौरान आसपास के लोग और बच्चे डर गए। सार्वजनिक शांति व्यवस्था भंग होती देख, उपनिरीक्षक ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। भारी पुलिस बल के पहुंचने की भनक लगते ही उपद्रवी मौके से हट गए। इस मामले में कादीपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पहले पक्ष से शनि निषाद, डिम्पल, अनीता, रागनी और दूसरे पक्ष से नीरज, प्रीति रामचन्दर, सरिता तथा कुंना के विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में कादीपुर इंस्पेक्टर दीपेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष में जमीन को लेकर विवाद हुआ था। घर से 200 मीटर दूर जाकर मारपीट की गई थी, और दोनों पक्ष से लोग घायल हुए थे इसलिए पुलिस की तहरीर पर दोनों पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी।


