झांसी के मऊरानीपुर स्थित धवाकर गांव में बुधवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश रखकर महिलाएं आगे चल रही थी। धोड़े नाचे रहे थे और डीजे की धुन पर युवक-युवतियां नृत्य कर रही थी। पूरे गांव में उल्लास का माहौल था। खाकी अखाड़ा के महंत राघवदासजी महाराज के सानिध्य में निकाली गई कलश यात्रा में पूरा गांव उमड़ पड़ा। लगभग 5 घंटे चली कलश यात्रा में लोगों ने पूरे गांव की परिक्रमा की। जगह-जगह लोगों ने छतों पर चढ़कर फूलों की बारिश की। इसी के साथ शतचंडी दुर्गा महायज्ञ एवं देवी भागवत महापुराण की शुरूआत हो गई। कलश यात्रा में झांसी-ललितपुर के भाजपा सांसद अनुराग शर्मा और जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल भी शामिल हुए। पहले 5 तस्वीरें देखिए पूजन के बाद शुरू हुई कलश यात्रा प्रतिष्ठा यजमान चतुर्भुज चतुर्वेदी ने बताया- धवाकर गांव में लोगों के सहयोग से प्राचीन बड़ी माता मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। इसी के उपलक्ष्य में 21 कुंडीय श्री शतचंडी दुर्गा महायज्ञ, मां दुर्गा-शिव परिवार एवं हनुमानजी महाराज की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा एवं देवी भागवत महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक होने वाले धार्मिक अनुष्ठान की गुरुवार को शुरूआत हो गई। यज्ञाचार्य आचार्य पंडित अंशुल द्विवेदी महाराज ने बताया कि आज सुबह 21 यजमानों का प्रायश्चित संकल्प एवं गणेश पूजन हुआ। इसके बाद बड़ी माता मंदिर के पास से दोपहर 12 बजे से कलश यात्रा शुरू हुई। जो बस स्टैंड, गुरैया माता मंदिर, शारदा माता मंदिर होते हुए काली माता मंदिर पहुंची। यहां से शाम 5 बजे वापस बड़ी माता मंदिर पहुंची। हनुमान स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहे यात्रा के दौरान कई झलकियां देखने को मिली। यात्रा में विराट हनुमान स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहे। सभी लोग उनके साथ सेल्फी लेने को आतुर दिखे। पूरे कलश यात्रा में धोड़े नांचते हुए चल रहे थे। कई डीजे भी शामिल हुए। जिस पर बज रहे भजनों पर युवक और युवतियों की टोली थिरकती हुई नजर आई। कलश यात्रा के बाद अयोध्या धाम से आए खाकी अखाड़ा के कथावाचक दामोदर दासजी महाराज के मुखारविंद से भागवत महापुराण सुनने को मिली। इस दौरान मुख्य यजमान राघवेंद्र सिंह राजावत उर्फ कल्याण, पूर्व प्रधान अशोक कुमार सिंह, प्रभु दयाल त्रिवेदी, रक्षपाल सिंह राजावत, संतोष शर्मा, संजू वाजपेई, राजू वाजपेई, कालका प्रसाद राय, शतुघन सिंह, नारायण सिंह सेंगर, यशपाल सिंह, मुन्ना द्विवेदी, धनीराम प्रजापत, शरत प्रताप सिंह, राजेश सिंह, भारत राजावत, संतोश कुशवाहा, दयाराम प्रजापत, कल्लू राजावत, रामजी कुशवाहा समेत ग्राम वासी शामिल हुए।


