70 साल के बुजुर्ग ने 50 साल छोटी लड़की से किया चौथा निकाह, पत्नियों के बीच छिड़ी तकरार

70 साल के बुजुर्ग ने 50 साल छोटी लड़की से किया चौथा निकाह, पत्नियों के बीच छिड़ी तकरार

गाजियाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के हाजी खलील ने 70 साल की उम्र में अपने से करीब 50 साल छोटी युवती से चौथा निकाह कर लिया है। इसके बाद से उनके परिवार में विवाद खड़ा हो गया है। उनकी दूसरी पत्नी नाजरीन ने इस पर विरोध जताया है।

‘बच्चे पैदा होने के बाद छोड़ देते हैं पति’

नाजरीन मंगलवार को अपने बेटे के साथ कमिश्नर कार्यालय पहुंचीं और एडिशनल पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति हर पत्नी से बच्चे होने के बाद उसे छोड़ देते हैं या घर से निकाल देते हैं। अब वह 20 साल की लड़की को घर ले आए हैं।नाजरीन का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

दूसरी पत्नी का आरोप

हाजी खलील गाजियाबाद के कैला भट्टा इलाके के रहने वाले हैं। पत्नी नाजरीन के मुताबिक, उनके पति हाजी खलील 1995 और 2000 में इस्लामनगर से दो बार पार्षद रह चुके हैं। पहली बार पार्षद बनने के बाद उन्होंने 1998 में पहला निकाह किया था, जिससे उनके 8 बच्चे हैं। बाद में पहली पत्नी को छोड़ दिया।

नाजरीन के मुताबिक, उन्होंने 1991 में हाजी खलील से दूसरा निकाह किया था, लेकिन उस समय उन्हें पहली शादी के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। इस शादी से उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटियां और एक बेटा। उन्होंने बताया कि 2010 में हाजी खलील ने तीसरा निकाह किया, लेकिन बाद में उस पत्नी को तलाक देकर अलग कर दिया।

नाजरीन के मुताबिक, दो वर्ष पूर्व हाजी खलील एक जूनियर हाईस्कूल के मैनेजर नियुक्त हुए। मैनेजर रहते उन्होंने इसी स्कूल की 20 वर्षीय छात्रा से चौथा निकाह कर लिया। बताया कि हाजी खलील की करीब 50 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है, नगर निगम की 30 करोड़ की प्रॉपर्टी पर भी पति ने कब्जा कर रखा है। आरोप है कि अधिकांश प्रॉपर्टी पति ने अपनी चौथी पत्नी के नाम कर दी है। उन्हें और उनके बच्चों को घर से निकालने पर आमदा हैं।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं हाजी खलील

हाजी खलील पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। उन पर गाजियाबाद के कैला भट्टा इलाके में लगभग 30 करोड़ रुपये की नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। शिकायत के बाद नगर निगम ने जांच कर अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। कुछ हिस्सों से अवैध कब्जा हटाया भी गया, हालांकि धार्मिक ढांचे को नहीं हटाया गया। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

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