पूर्णिया में युवक से एक लाख की ठगी:साइबर ठग ने फोन पर 1 घंटे 22 मिनट तक बात की; दो बार में 50-50 हजार निकाले

पूर्णिया में युवक से एक लाख की ठगी:साइबर ठग ने फोन पर 1 घंटे 22 मिनट तक बात की; दो बार में 50-50 हजार निकाले

पूर्णिया के चूनापुर निवासी जीवछ कुमार यादव से एक लाख की ठगी हुई है। साइबर ठग ने खाते से रुपये निकाल लिए। इस संबंध में पीड़ित ने साइबर थाने में आवेदन देकर रुपए वापस दिलाने और उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। बैंक खाता लॉक होने का झांसा पीड़ित जीवछ यादव ने बताया सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान शख्स का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का स्टाफ अमित कुमार बताया। कॉलर ने दावा किया कि उनका खाता ब्लॉक हो गया है और उसे फिर से री-ओपन कराने के लिए आधार कार्ड-पैन कार्ड लेकर तुरंत बैंक पहुंचना होगा। जब बैंक थोड़ी देर से आने की बात कही, तो ठगों ने झांसे में लेते हुए बैंक का आईएफएससी कोड और अन्य तकनीकी बातें बताईं। ताकि उन्हें असली बैंक कर्मी होने का विश्वास हो सके। इसी बातचीत और झांसे के दौरान शातिर ने मोबाइल के जरिए उनके खाते से दो किस्तों में 50-50 हजार रुपए यानी कुल 1,00,000 रुपए निकाल लिए। बैंक पहुंचने पर ठगी का पता चला फोन आने के महज आधे घंटे के अंदर यानी करीब 11:30 बजे और इसके बाद 11:51 बजे खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। पैसे कटने की जानकारी मिलते ही पीड़ित के होश उड़ गए। वे तुरंत पूर्णिया के चित्रवानी रोड स्थित उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक पहुंचे और बैंक अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। बैंक पहुंचने पर पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है, जिसके बाद बैंक की ओर से खाता को तत्काल प्रभाव से लॉक किया गया। पीड़ित ने इस संबंध में बैंक को लिखित आवेदन भी सौंप दिया है। 1 घंटा 22 मिनट की बात पीड़ित जीवछ यादव ने मीडिया के सामने अपने कॉल डिटेल्स दिखाए। जिस नंबर से कॉल आया था उसमें करीब 1 घंटा 22 मिनट बात हुई थी । इस 1 घंटे में पीड़ित से सारी जानकारी साझा की गई । इस दरमियान उनके बैंक खाते से पैसे उड़ाए गए । आवेदन लेकर साइबर थाना पहुंचा पीड़ित जीवछ यादव ने बैंक में आवेदन देकर और अपना खाता लॉक कराने के बाद सिक्योर किया। इसके बाद साइबर थाना पहुंच कर घटना की जानकारी दी। थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है । साइबर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है । बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता पूर्णिया में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जहां साइबर अपराधी आम जनता को झांसे में लेकर उनकी गाड़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। प्रशासन और बैंक अधिकारियों द्वारा लगातार यह चेतावनी दी जाती है कि कोई भी बैंक कभी भी फोन पर खाता ब्लॉक होने, आधार-पैन अपडेट करने या ओटीपी मांगने जैसी प्रक्रिया नहीं करता है। ऐसे में जरूरत है कि आम लोग पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल या झांसे में न आएं और अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। पूर्णिया के चूनापुर निवासी जीवछ कुमार यादव से एक लाख की ठगी हुई है। साइबर ठग ने खाते से रुपये निकाल लिए। इस संबंध में पीड़ित ने साइबर थाने में आवेदन देकर रुपए वापस दिलाने और उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। बैंक खाता लॉक होने का झांसा पीड़ित जीवछ यादव ने बताया सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान शख्स का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का स्टाफ अमित कुमार बताया। कॉलर ने दावा किया कि उनका खाता ब्लॉक हो गया है और उसे फिर से री-ओपन कराने के लिए आधार कार्ड-पैन कार्ड लेकर तुरंत बैंक पहुंचना होगा। जब बैंक थोड़ी देर से आने की बात कही, तो ठगों ने झांसे में लेते हुए बैंक का आईएफएससी कोड और अन्य तकनीकी बातें बताईं। ताकि उन्हें असली बैंक कर्मी होने का विश्वास हो सके। इसी बातचीत और झांसे के दौरान शातिर ने मोबाइल के जरिए उनके खाते से दो किस्तों में 50-50 हजार रुपए यानी कुल 1,00,000 रुपए निकाल लिए। बैंक पहुंचने पर ठगी का पता चला फोन आने के महज आधे घंटे के अंदर यानी करीब 11:30 बजे और इसके बाद 11:51 बजे खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। पैसे कटने की जानकारी मिलते ही पीड़ित के होश उड़ गए। वे तुरंत पूर्णिया के चित्रवानी रोड स्थित उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक पहुंचे और बैंक अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। बैंक पहुंचने पर पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है, जिसके बाद बैंक की ओर से खाता को तत्काल प्रभाव से लॉक किया गया। पीड़ित ने इस संबंध में बैंक को लिखित आवेदन भी सौंप दिया है। 1 घंटा 22 मिनट की बात पीड़ित जीवछ यादव ने मीडिया के सामने अपने कॉल डिटेल्स दिखाए। जिस नंबर से कॉल आया था उसमें करीब 1 घंटा 22 मिनट बात हुई थी । इस 1 घंटे में पीड़ित से सारी जानकारी साझा की गई । इस दरमियान उनके बैंक खाते से पैसे उड़ाए गए । आवेदन लेकर साइबर थाना पहुंचा पीड़ित जीवछ यादव ने बैंक में आवेदन देकर और अपना खाता लॉक कराने के बाद सिक्योर किया। इसके बाद साइबर थाना पहुंच कर घटना की जानकारी दी। थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है । साइबर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है । बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता पूर्णिया में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जहां साइबर अपराधी आम जनता को झांसे में लेकर उनकी गाड़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। प्रशासन और बैंक अधिकारियों द्वारा लगातार यह चेतावनी दी जाती है कि कोई भी बैंक कभी भी फोन पर खाता ब्लॉक होने, आधार-पैन अपडेट करने या ओटीपी मांगने जैसी प्रक्रिया नहीं करता है। ऐसे में जरूरत है कि आम लोग पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल या झांसे में न आएं और अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।  

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