धनतेरस पर 17 करोड़ का सोना बिकने की उम्मीद:सोने-चांदी और बर्तनों की खरीदारी से चमकेगा बाजार, वाहनों की बुकिंग बढ़ी

धनतेरस पर 17 करोड़ का सोना बिकने की उम्मीद:सोने-चांदी और बर्तनों की खरीदारी से चमकेगा बाजार, वाहनों की बुकिंग बढ़ी

आने वाले शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार है। इसे लेकर झारखंड के तकरीबन सभी बाजार सजकर तैयार हैं। त्योहारों के मौसम में राजधानी रांची के सर्राफा बाजार में रौनक चरम पर पहुंच गई है। धनतेरस और दीपावली को लेकर आभूषणों के साथ-साथ इस बार सोने और चांदी के सिक्कों व बार (बिस्कुट) की खरीदारी को लेकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजार के रुझान को देखते हुए सोना-चांदी व्यवसायी समिति और स्थानीय सर्राफा कारोबारियों का अनुमान है कि इस वर्ष सिक्कों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले लगभग 30% की बढ़ोतरी होगी। व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल धनतेरस के दौरान रांची में करीब 20 हजार चांदी के सिक्के और 10 किलो सोने के सिक्के बिके थे। इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 26 हजार चांदी के सिक्के (अनुमानित मूल्य ₹50 लाख) और करीब 13 किलो सोने के सिक्के (अनुमानित मूल्य ₹17 करोड़) तक पहुंचने की उम्मीद है। कोडरमा में 15 करोड़ रुपए की ब्रिकी की उम्मीद
वहीं, कोडरमा के कारोबारियों को इस बार 15 करोड़ रुपए से ज्यादा के व्यापार की उम्मीद है। सोने और बर्तनों की खरीदारी सबसे ज्यादा होने का अनुमान है। कोडरमा जिले के प्रमुख झुमरीतिलैया सराफा बाजार के कारोबारियों को बिक्री की उम्मीद है। उनका कहना है कि धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ग्राहक 3 हजार रुपए की अंगूठी से लेकर 3 लाख रुपए के हार तक खरीदते हैं। कारोबारियों के मुताबिक, इस साल 22 कैरेट सोने की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गई है। इसके बावजूद उन्हें उम्मीद है कि गहनों की बिक्री पर इसका असर नहीं पड़ेगा। झुमरीतिलैया की आभूषण दुकानों में धनतेरस से पहले ही करोड़ों रुपए के गहनों की बुकिंग हो चुकी है। वहां स्थित तनिष्क के मैनेजर रविकांत कुमार ने बताया कि सोमवार शाम तक करीब 4 करोड़ रुपए के गहनों की बुकिंग हुई थी। कांसा-पीतल के बर्तन खरीदने की भी परंपरा
कारोबारियों का अनुमान है कि धनतेरस पर पूरे जिले में हीरे, सोने और चांदी की 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी होगी। धनतेरस पर कांसा, पीतल और दूसरी धातुओं के बर्तन खरीदने की भी परंपरा है। दिवाली और उसके बाद छठ पूजा के लिए लोग बर्तन धनतेरस पर ही खरीदते हैं। ऐसे में बर्तन व्यापारियों की मानें तो अलग-अलग धातुओं के बर्तन का लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है। बर्तन व्यापारी गौरांग पुजारा ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष बाजार बेहतर रहने वाला है। इलेक्ट्रॉनिक बाजार भी जगमगाने की उम्मीद दीवाली में इलेक्ट्रिक गैजेट्स खरीदने की भी होड़ रहती है। दीवाली में घर को रौशन करने के लिए तरह-तरह के लाइट्स सहित रेफ्रिजरेटर, ओवन, वाशिंग मशीन व अन्य उपकरण की भी जमकर खरीदारी होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में भी करोड़ों के व्यापार होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल खरीदने का भी अलग महत्व
इधर, इन सब के बीच ऑटोमोबाइल्स (कार, बाइक, स्कूटी इत्यादि) का भी अपना एक अलग ही महत्व है। लोग धनतेरस के दिन वाहन खरीदने को भी काफी शुभ मानते हैं। यही कारण है कि इस धनतेरस कोडरमा जिले में करीब 300 बाइक्स, जबकि 50 के आसपास 4 पहिया वाहन की बिक्री की संभावना जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल्स (बाइक) विक्रेता अभिषेक पांडेय के अनुसार धनतेरस में सोने-चांदी के अलावे लोगों का सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल्स की ओर रुझान रहता है। उनकी मानें तो इस वर्ष बाइक विक्रेता आउट ऑफ स्टॉक होने वाले हैं। जिले में बाइक की 300 से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है, यह आंकड़ा 5 सौ के करीब पहुंच सकता है। 2 लाख से ज्यादा झाड़ू की होगी बिक्री धनतेरस में झाड़ू खरीदारी का अपना एक अलग ही महत्व है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदारी का एक अलग ही महत्व है। धनतेरस को लेकर झुमरीतिलैया में करीब 2 लाख पीस झाड़ू बिकने की उम्मीद है। झाड़ू के थोक व्यवसायी जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस वर्ष बाजार में 30 रुपए से 50 रुपए तक के नारियल की झाड़ू, जबकि 35 रुपए से 60 रुपए तक के फूल झाड़ू की सबसे ज्यादा डिमांड है। रांची में वाहन बिक्री में 20% वृद्धि का अनुमान धनतेरस के शुभ मुहूर्त में कार और बाइक घर ले जाने के लिए ग्राहकों ने पहले से ही शोरूम में बुकिंग करा रखी है। धनतेरस से पांच दिन पहले ही करीब 8,500 दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। रांची ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अनुसार, इस बार पिछले साल के मुकाबले वाहनों की बिक्री में करीब 20% वृद्धि का अनुमान है। आने वाले शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार है। इसे लेकर झारखंड के तकरीबन सभी बाजार सजकर तैयार हैं। त्योहारों के मौसम में राजधानी रांची के सर्राफा बाजार में रौनक चरम पर पहुंच गई है। धनतेरस और दीपावली को लेकर आभूषणों के साथ-साथ इस बार सोने और चांदी के सिक्कों व बार (बिस्कुट) की खरीदारी को लेकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजार के रुझान को देखते हुए सोना-चांदी व्यवसायी समिति और स्थानीय सर्राफा कारोबारियों का अनुमान है कि इस वर्ष सिक्कों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले लगभग 30% की बढ़ोतरी होगी। व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल धनतेरस के दौरान रांची में करीब 20 हजार चांदी के सिक्के और 10 किलो सोने के सिक्के बिके थे। इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 26 हजार चांदी के सिक्के (अनुमानित मूल्य ₹50 लाख) और करीब 13 किलो सोने के सिक्के (अनुमानित मूल्य ₹17 करोड़) तक पहुंचने की उम्मीद है। कोडरमा में 15 करोड़ रुपए की ब्रिकी की उम्मीद
वहीं, कोडरमा के कारोबारियों को इस बार 15 करोड़ रुपए से ज्यादा के व्यापार की उम्मीद है। सोने और बर्तनों की खरीदारी सबसे ज्यादा होने का अनुमान है। कोडरमा जिले के प्रमुख झुमरीतिलैया सराफा बाजार के कारोबारियों को बिक्री की उम्मीद है। उनका कहना है कि धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ग्राहक 3 हजार रुपए की अंगूठी से लेकर 3 लाख रुपए के हार तक खरीदते हैं। कारोबारियों के मुताबिक, इस साल 22 कैरेट सोने की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गई है। इसके बावजूद उन्हें उम्मीद है कि गहनों की बिक्री पर इसका असर नहीं पड़ेगा। झुमरीतिलैया की आभूषण दुकानों में धनतेरस से पहले ही करोड़ों रुपए के गहनों की बुकिंग हो चुकी है। वहां स्थित तनिष्क के मैनेजर रविकांत कुमार ने बताया कि सोमवार शाम तक करीब 4 करोड़ रुपए के गहनों की बुकिंग हुई थी। कांसा-पीतल के बर्तन खरीदने की भी परंपरा
कारोबारियों का अनुमान है कि धनतेरस पर पूरे जिले में हीरे, सोने और चांदी की 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी होगी। धनतेरस पर कांसा, पीतल और दूसरी धातुओं के बर्तन खरीदने की भी परंपरा है। दिवाली और उसके बाद छठ पूजा के लिए लोग बर्तन धनतेरस पर ही खरीदते हैं। ऐसे में बर्तन व्यापारियों की मानें तो अलग-अलग धातुओं के बर्तन का लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है। बर्तन व्यापारी गौरांग पुजारा ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष बाजार बेहतर रहने वाला है। इलेक्ट्रॉनिक बाजार भी जगमगाने की उम्मीद दीवाली में इलेक्ट्रिक गैजेट्स खरीदने की भी होड़ रहती है। दीवाली में घर को रौशन करने के लिए तरह-तरह के लाइट्स सहित रेफ्रिजरेटर, ओवन, वाशिंग मशीन व अन्य उपकरण की भी जमकर खरीदारी होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में भी करोड़ों के व्यापार होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल खरीदने का भी अलग महत्व
इधर, इन सब के बीच ऑटोमोबाइल्स (कार, बाइक, स्कूटी इत्यादि) का भी अपना एक अलग ही महत्व है। लोग धनतेरस के दिन वाहन खरीदने को भी काफी शुभ मानते हैं। यही कारण है कि इस धनतेरस कोडरमा जिले में करीब 300 बाइक्स, जबकि 50 के आसपास 4 पहिया वाहन की बिक्री की संभावना जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल्स (बाइक) विक्रेता अभिषेक पांडेय के अनुसार धनतेरस में सोने-चांदी के अलावे लोगों का सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल्स की ओर रुझान रहता है। उनकी मानें तो इस वर्ष बाइक विक्रेता आउट ऑफ स्टॉक होने वाले हैं। जिले में बाइक की 300 से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है, यह आंकड़ा 5 सौ के करीब पहुंच सकता है। 2 लाख से ज्यादा झाड़ू की होगी बिक्री धनतेरस में झाड़ू खरीदारी का अपना एक अलग ही महत्व है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदारी का एक अलग ही महत्व है। धनतेरस को लेकर झुमरीतिलैया में करीब 2 लाख पीस झाड़ू बिकने की उम्मीद है। झाड़ू के थोक व्यवसायी जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस वर्ष बाजार में 30 रुपए से 50 रुपए तक के नारियल की झाड़ू, जबकि 35 रुपए से 60 रुपए तक के फूल झाड़ू की सबसे ज्यादा डिमांड है। रांची में वाहन बिक्री में 20% वृद्धि का अनुमान धनतेरस के शुभ मुहूर्त में कार और बाइक घर ले जाने के लिए ग्राहकों ने पहले से ही शोरूम में बुकिंग करा रखी है। धनतेरस से पांच दिन पहले ही करीब 8,500 दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। रांची ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अनुसार, इस बार पिछले साल के मुकाबले वाहनों की बिक्री में करीब 20% वृद्धि का अनुमान है।  

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