मथुरा नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर से महाविद्या रामलीला मैदान में राष्ट्र स्तरीय विशाल कुश्ती महाकुंभ का आयोजन किया गया। सोमवार देर शाम से शुरू हुआ कुश्ती दंगल रात करीब 10 बजे तक चला। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए नामी पहलवानों ने अपने दमखम और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी मैदान में पहुंचे। पांच लाख रुपये की इनामी कुश्ती में शेर गुर्जर पहलवान ने शानदार जीत दर्ज कर बाजी मारी। कार्यक्रम में नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने पहुंचकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने पहलवानों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि कुश्ती भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा प्राचीन खेल है। ऐसे आयोजनों से पारंपरिक खेलों को बढ़ावा मिलता है और नई पीढ़ी खेलों के प्रति प्रेरित होती है। मथुरा की धरती का कुश्ती और मल्लविद्या से प्राचीन संबंध रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की मल्लयुद्ध से जुड़ी लीलाएं ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने और युवाओं में खेल भावना विकसित करने के उद्देश्य से कुश्ती महाकुंभ आयोजित किया गया। पांच लाख की कुश्ती रही आकर्षण का केंद्र दंगल में 100 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की इनामी कुश्तियां कराई गईं। इनमें पांच-पांच लाख रुपये की दो, तीन-तीन लाख रुपये की दो और दो लाख रुपये की एक प्रमुख कुश्ती शामिल रही। पहली पांच लाख रुपये की कुश्ती में फतेहाबाद, आगरा के शेर गुर्जर पहलवान और पंजाब के भूपेंद्र पहलवान अजनाला के बीच जोरदार मुकाबला हुआ। इसमें शेर गुर्जर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। दूसरी पांच लाख रुपये की कुश्ती में मथुरा के उमेश पहलवान कारव और हरियाणा के मंजीत पहलवान खत्री के बीच मुकाबला हुआ। दोनों प्रमुख मुकाबलों में हिस्सा लेने वाले चारों पहलवान भारत केसरी रहे हैं। इसके अलावा अजय बारन, कलुआ गुर्जर, जॉनी गुर्जर, अंकित कारव, विक्रम जाट, भारत धांगोलिया और संजय पहलवान सहित अनेक पहलवानों ने अपने दांव-पेच दिखाए। हरकेश (खली) और छोटे पहलवान छोटू की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही।

