उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सोमवार शाम रेलवे ट्रैक पर बुजुर्ग दंपती के शव मिले। पुलिस को शुरुआती जांच में ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी करने का शक है। शव औंग थाना क्षेत्र के गंगचौली गांव के पास अप लाइन पर पोल नंबर 439/37 से 439/39 के बीच मिले। यह जगह औंग रेलवे स्टेशन से करीब 1 किलोमीटर दूर है। सूचना मिलने पर औंग थाना प्रभारी दिनेश कुमार शुक्ला पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतकों की पहचान रमेश चंद्र मिश्र (करीब 70) और उनकी पत्नी सरोजनी देवी (करीब 65) के रूप में की। दोनों मूल रूप से औंग थाना क्षेत्र के आशापुर गांव के रहने वाले थे। वे कानपुर के यशोदा नगर थाना क्षेत्र में सतवरी रोड पानी की टंकी के पास अपने बड़े बेटे सतीश के साथ रहते थे। दंपती 22 अक्टूबर 2026 को कानपुर से अपने पैतृक गांव आशापुर आए थे। वे रमेश चंद्र के भाई दिनेश मिश्रा के घर पर रह रहे थे। रमेश चंद्र के पास गांव में 7 बीघा कृषि जमीन थी, जिसे उन्होंने बटाई पर दिया था। परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 11 बजे रमेश चंद्र ने दिनेश मिश्रा से कहा था कि वे पत्नी के साथ कानपुर लौट रहे हैं। इसके बाद दोनों रेलवे स्टेशन की ओर गए। पुलिस के मुताबिक, दिनेश मिश्रा ने बताया कि परिवार में ऐसी कोई समस्या या कलह नहीं थी, जिसके चलते वे यह कदम उठाते। दंपती के चार बच्चे हैं। उनकी दो बेटियां पूनम और नीलम शादीशुदा हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सतीश (38) और छोटा बेटा मनीष (35), दोनों ट्रक चालक हैं। दोनों के कानपुर में अलग-अलग घर हैं। घटना की सूचना जैसे ही बड़े बेटे सतीश को मिली तो उसे सदमा लग गया। बताया जाता है कि उसे हार्ट अटैक पड़ा गया। जिससे उन्हें कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं छोटा बेटा इस समय मुंबई में है।

