दंतेवाड़ा जिले के सभी पटवारियों ने प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन के विरोध में सामूहिक निलंबन की मांग की है। पटवारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि शासन उनकी लंबित मांगों को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। प्रांताध्यक्ष के खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई को उन्होंने एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताया है। पटवारियों ने ज्ञापन में बताया कि वे अपनी लंबित और न्यायसंगत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान शासन-प्रशासन उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय दमनकारी कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप (पटवारी, तहसील रायगढ़) को निलंबित किया गया है। पटवारियों ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी निंदा की है। सामूहिक निलंबन की रखी मांग ज्ञापन में कहा गया है कि प्रांताध्यक्ष के निलंबन से जिले के सभी पटवारियों में नाराजगी है। अपने प्रांतीय नेतृत्व और साथियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को वे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे। पटवारियों ने कहा कि अगर शासन शांतिपूर्ण बातचीत और मांगों को पूरा करने के बजाय निलंबन की कार्रवाई करता है, तो दंतेवाड़ा जिले के सभी पटवारी भी सामूहिक रूप से निलंबित होना चाहते हैं। रायगढ़ एसडीएम के आदेश का दिया हवाला पटवारियों ने ज्ञापन में रायगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय के 30 अक्टूबर 2026 के निलंबन आदेश का हवाला दिया है। यह आदेश प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन से संबंधित है। ज्ञापन कलेक्टर दंतेवाड़ा को सौंपा गया है।

