Rajasthan Sarpanch Election: सरपंच चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला, 4 बार रिकाउंटिंग के बाद भी टाई, जानिए फिर कैसे हुआ फैसला?

Rajasthan Sarpanch Election: सरपंच चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला, 4 बार रिकाउंटिंग के बाद भी टाई, जानिए फिर कैसे हुआ फैसला?

राजस्थान में जारी पंचायती राज चुनाव 2026 के बीच बाड़मेर जिले से चुनावी रोमांच का एक दिलचस्प व अनोखा मुकाबला सामने आया है। बाड़मेर ग्रामीण पंचायत समिति की गालाबेरी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए लड़ा गया चुनाव पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। यहाँ मैदान में आमने-सामने उतरीं दो प्रमुख महिला प्रत्याशियों- महदू देवी और पूनम कुमारी के बीच ऐसा कड़ा मुकाबला हुआ कि मतपेटी से दोनों को बिल्कुल बराबर-बराबर वोट मिले।

परिणामों में बराबरी होने के बाद खलबली मच गई। इसके बाद एक के बाद एक चार बार पुनर्मतगणना करवाई गई, लेकिन हर बार दोनों ही प्रत्याशियों का स्कोर बराबर ही रहा। आखिरकार किसी भी प्रत्याशी के पीछे न हटने और गिनती में बदलाव न होने पर निर्वाचन नियमों के तहत लॉटरी (पर्ची) निकालकर सरपंच के भाग्य का फैसला किया गया, जिसमें पूनम कुमारी की किस्मत चमक गई और उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया।

जानिए गालाबेरी ग्राम पंचायत चुनाव का पूरा गणित

बाड़मेर की गालाबेरी ग्राम पंचायत इस बार महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित रखी गई थी। यहाँ मुख्य मुकाबला महदू देवी (पत्नी अचलाराम) और पूनम कुमारी (पत्नी दुर्गेश कुमार) के बीच था।

मतदान और मतगणना के आधिकारिक आंकड़े इस प्रकार रहे:

कुल पंजीकृत मतदाता: 1,359

कुल पड़े वोट: 1,253

निरस्त वोट: 22

नोटा (NOTA): 3 वोट

महदू देवी को मिले वोट: 614

पूनम कुमारी को मिले वोट: 614

वैध मतों की गिनती पूरी होने पर जब दोनों ही प्रत्याशियों के खाते में 614-614 वोट आए, तो मतगणना केंद्र पर मौजूद अधिकारी और एजेंट भी हैरान रह गए।

4 बार हुई पुनर्मतगणना, लेकिन नहीं बदला नतीजा

वोटों की बराबरी को देखते हुए हार-जीत का अंतर स्पष्ट करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी (RO) की देखरेख में तुरंत रिकाउंटिंग के आदेश दिए गए। एक-एक पर्ची को दोबारा और सतर्कता से जांचा गया।

हालांकि, पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी बार हुई पुनर्मतगणना के बावजूद दोनों प्रत्याशियों को प्राप्त 614-614 मतों का आंकड़ा टस से मस नहीं हुआ। चारों बार गिनती बिल्कुल सटीक और बराबर निकली, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी असमंजस की स्थिति बन गई।

आखिरकार लॉटरी से हुआ सरपंच का फैसला

पंचायती राज चुनाव नियमों के तहत जब दो या दो से अधिक उम्मीदवारों के वोट बिल्कुल बराबर हो जाते हैं और रिकाउंटिंग में भी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तो परिणाम का निर्धारण ‘ड्रा ऑफ लॉट्स’ (लॉटरी) की कानूनी प्रक्रिया के जरिए किया जाता है।

दोनों प्रत्याशियों और उनके चुनाव एजेंटों की मौजूदगी में दो निष्पक्ष पर्चियां बनाकर एक बॉक्स में डाली गईं। इसके बाद जब किस्मत की पर्ची (लॉटरी) निकाली गई, तो उसमें पूनम कुमारी का नाम निकला। इसके तुरंत बाद निर्वाचन अधिकारी ने पूनम कुमारी को गालाबेरी ग्राम पंचायत का नया सरपंच घोषित करते हुए जीत का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंप दिया। किस्मत के इस अनोखे फैसले के बाद जहाँ पूनम कुमारी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं यह चुनाव बाड़मेर के सबसे चर्चित मुलाबलों में दर्ज हो गया है।

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