समारा में फिर गरजे यूक्रेनी ड्रोन: नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी में भड़की आग, 2 हफ्ते की शांति टूटी

समारा में फिर गरजे यूक्रेनी ड्रोन: नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी में भड़की आग, 2 हफ्ते की शांति टूटी

Ukraine Drone Strike: यूक्रेन ने शुक्रवार तड़के रूस के समारा क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया। इसके साथ ही, रूसी तेल-प्रसंस्करण सुविधाओं पर हमलों में आया दो सप्ताह का विराम खत्म हो गया है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिकी प्रशासन के दबाव के कारण इन हमलों को रोक दिया गया था।

यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में नोवोकुइबिशेव्स्क तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। 30 अक्टूबर की रात को हुए इस संदिग्ध यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद वहां आग लग गई। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के अनुसार, सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों और वीडियो फुटेज में रिफाइनरी के ऊपर आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं।

सेना को ईंधन आपूर्ति में बाधा डालना उद्देश्य

अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, रूसी तेल सुविधाओं पर हमलों में यह विराम आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद तक जारी रहने की उम्मीद थी। यूक्रेनी मीडिया ने बताया कि नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी रूस की सरकारी तेल कंपनी ‘रोसनेफ्ट’ (Rosneft) के स्वामित्व में है। यह रिफाइनरी लगभग 8.8 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और इससे विमान ईंधन, गैसोलीन, डीजल, लुब्रिकेंट्स और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इससे पहले भी इस रिफाइनरी को यूक्रेनी ड्रोन हमलों में निशाना बनाया जा चुका है, जिसमें अगस्त 2026 का हमला भी शामिल है।

यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर एक अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य मॉस्को की सेना को होने वाली ईंधन आपूर्ति में बाधा डालना और रूस को मिलने वाले उस राजस्व को कम करना है, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में कर रहा है।

मास्को पर शांति प्रयास कमजोर करने का आरोप

उन्होंने मॉस्को पर आरोप लगाया कि वह संघर्ष को कम करने और लड़ाई खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का लगातार मिलना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा, “रूस एक बार फिर दिखा रहा है कि संघर्ष को कम करने के प्रयासों के प्रति उसका असली रवैया क्या है। यूक्रेन, अमेरिका, यूरोप और दुनिया भर के हमारे अन्य साझेदार इस युद्ध को खत्म करने और लोगों की हत्याओं को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रूस का रुख कुछ और ही है।”

जेलेंस्की ने यूरोपीय संघ (EU) और उसके सदस्य देशों से मिलने वाली मदद के महत्व पर जोर दिया। यह मदद इसलिए भी अहम है क्योंकि यूक्रेन अब सर्दियों के महीनों के लिए तैयारी कर रहा है, जब महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमले और भी बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *