रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद अब यात्रियों को प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट या फुट ओवरब्रिज का रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अजमेर रेल मंडल चार स्टेशनों पर डिजिटल मार्गदर्शक लगाने जा रहा है। ये हाईटेक कियोस्क स्टेशन का नक्शा दिखाने के साथ यात्रियों को प्लेटफॉर्म और दूसरी सुविधाओं तक पहुंचने का रास्ता बताएंगे। इस प्रोजेक्ट पर 1.08 करोड़ खर्च होंगे। अजमेर, उदयपुर, आबू रोड और फालना स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, पोर्च, टिकट काउंटर और आसपास ये कियोस्क लगाए जाएंगे। जनवरी 2027 से यह सुविधा मिलने की संभावना है। देश में इस तकनीक का प्रयोग सबसे पहले नागपुर में किया गया था। अब उत्तर-पश्चिम रेलवे में इसे लागू किया जा रहा है। यात्री कियोस्क की स्क्रीन से जानकारी लेने के साथ उस पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करके भी रास्ता देख सकेंगे।

