औरैया में प्रज्ञा प्रवाह (ब्रह्मावर्त परिषद), कानपुर प्रांत के तत्वावधान में रविवार को दिबियापुर स्थित अध्ययन केंद्र में मासिक परिचर्चा आयोजित की गई। इसका विषय ‘दीनदयाल उपाध्याय का भारतीय राजनीति पर प्रभाव’ रहा। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह कार्यवाह प्रो. प्रदीप भदौरिया ने कहा कि भारतीय राजनीति, अर्थनीति, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, रक्षा और विदेश नीति में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की छाप दिखाई देती है। उन्होंने उनके कल्याणकारी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। दूसरे सत्र में मुनीश त्रिपाठी की पुस्तक ‘अम्बेडकर, हिंदुत्व और भारत’ की समीक्षा डॉ. सुवेंद्र सिंह ने प्रस्तुत की। अध्यक्षता शिक्षाविद मुकेश भारतीय ने की। महेंद्र सिंह राजपूत ने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और डीवीएस कॉलेज के प्रो. डॉ. कौशलेन्द्र तिवारी ने उनके व्यक्तित्व पर विचार रखे। युवा आयाम संयोजक रजत दुबे ने भारतीय राजनीति पर उनके प्रभाव को रेखांकित किया। नगर पंचायत अध्यक्ष राघव मिश्रा ने उनके विचारों पर आधारित सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी। प्रांत संयोजक मुनीश त्रिपाठी ने जनसंघ के संगठन विस्तार में उनके योगदान का उल्लेख किया।

