मऊ के दोहरीघाट में अलग-अलग जन्मतिथि और नामों से पासपोर्ट जारी होने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में अवधेश कुमार सिंह और अखिलेश कुमार सिंह के नाम से जारी पांच पासपोर्टों का विवरण मिला। क्षेत्राधिकारी घोसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों में दर्ज विवरण की जांच कर रही है। उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह की तहरीर के मुताबिक, अवधेश कुमार सिंह के नाम से 27 अप्रैल 2004 को जारी पासपोर्ट में जन्मतिथि 5 जुलाई 1994 दर्ज थी। वहीं, 11 अक्टूबर 2011 और 15 अप्रैल 2019 को जारी पासपोर्टों में जन्मतिथि 5 जुलाई 1984 अंकित मिली। इनमें से 2011 वाले पासपोर्ट की वैधता 10 अक्टूबर 2021 तक थी, जबकि 2019 में जारी पासपोर्ट 14 अप्रैल 2029 तक वैध है। दूसरे नाम से भी जारी हुए दो पासपोर्ट तहरीर में अखिलेश कुमार सिंह के नाम से जारी दो पासपोर्टों का भी उल्लेख है। 30 नवंबर 2006 को जारी पासपोर्ट में जन्मतिथि 9 जुलाई 1986 दर्ज थी। वहीं, 13 नवंबर 2023 को जारी दूसरे पासपोर्ट की वैधता 12 नवंबर 2033 तक है। दोनों नामों से जारी पासपोर्टों के आवेदनों में पिता का नाम पुरुषोत्तम सिंह और माता का नाम गुलपती सिंह दर्ज बताया गया है। जांच रिपोर्ट में सामने आया मामला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी घोसी ने मामले की जांच की थी। 16 जून 2026 को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें पासपोर्टों में दर्ज व्यक्तिगत विवरण की जांच की गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने 22 अक्टूबर 2026 को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कूटरचित दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने का आरोप क्षेत्राधिकारी की जांच रिपोर्ट और पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह की तहरीर पर दोहरीघाट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष रामायण सिंह ने बताया कि व्यक्तिगत विवरण में फेरबदल कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है।

