उदयपुर में पंचायत-समिति हॉल में सोते कर्मचारियों पर गिरी PVC:झाड़ोल में चुनाव ड्यूटी में गए कर्मचारियों पर गिरी पीवीसी छत: एक मतदान अधिकारी का हाथ टूटा, मची अफरा-तफरी

उदयपुर में पंचायत-समिति हॉल में सोते कर्मचारियों पर गिरी PVC:झाड़ोल में चुनाव ड्यूटी में गए कर्मचारियों पर गिरी पीवीसी छत: एक मतदान अधिकारी का हाथ टूटा, मची अफरा-तफरी

उदयपुर जिले की झाड़ोल पंचायत समिति के सभागार में देर रात हादसा हो गया। यहां छत पर लगी पीवीसी की फॉल सीलिंग अचानक टूटकर नीचे सो रहे कर्मचारियों पर गिर गई। इस हादसे में चुनाव ड्यूटी पर आए एक मतदान अधिकारी का हाथ फ्रैक्चर हो गया। घटना गुरूवार रात करीब सवा 1 बजे की है। तब ज्यादातर कर्मचारी सो रहे थे। वहीं दो अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं। घटना के समय सभागार के अंदर 35 से ज्यादा मतदान कर्मचारी सो रहे थे। अचानक छत गिरने से वहां अफरा-तफरी मच गई। दरअसल पंचायत चुनाव की ड्यूटी में आई मतदान टीमों को रात में रुकने के लिए झाड़ोल पंचायत समिति के सभागार में ठहराया गया था। दिनभर की थकान के बाद सभी कर्मचारी हॉल में सो रहे थे। रात को सभागार में बने स्टेज के ठीक ऊपर लगी पीवीसी छत का हिस्सा अचानक भर-भराकर नीचे गिर गया। तेज आवाज के साथ छत गिरते ही गहरी नींद में सो रहे कर्मचारी घबराकर उठे और बाहर की तरफ भागे। अंधेरे और भगदड़ के कारण कई कर्मचारी हॉल में रखी टेबलों से टकराकर भी नीचे गिर गए। इससे भी कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें आई हैं। गनीमत रही कि बड़ा हिस्सा सीधे सभी कर्मचारियों पर नहीं गिरा वरना बड़ा हादसा हो जाता। इस हादसे में नयागांव क्षेत्र के पाटिया स्कूल में कार्यरत पीटीआई रमेश चंद्र के हाथ में गंभीर चोट आई। उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। वे चुनाव ड्यूटी के लिए झाड़ोल आए हुए थे। हादसे के तुरंत बाद साथी कर्मचारी उन्हें झाड़ोल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें देर रात ही उदयपुर रेफर कर दिया। बाकी चोटिल कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पंचायत समिति के सभागार की छत पर करीब 2 साल पहले ही यह पीवीसी सीलिंग लगाई गई थी। छत के अंदर लगे लोहे के स्क्रू और अन्य सामान में जंग लगने से वे गलकर खराब हो गए थे। इसी वजह से पीवीसी का ढांचा वजन नहीं सह पाया और अचानक टूटकर नीचे गिर गया। दो साल में ही छत गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इनपुट – दुष्यंत पूर्बिया, झाड़ोल।

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