ITBP DG बोले- चीन से अरुणाचल में झड़पें जारी:सैन्य ताकत में वह काफी आधुनिक और आगे, अब पुराने तरीकों से मुकाबला मुश्किल

ITBP DG बोले- चीन से अरुणाचल में झड़पें जारी:सैन्य ताकत में वह काफी आधुनिक और आगे, अब पुराने तरीकों से मुकाबला मुश्किल

ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को कहा कि पिछले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश में चीन और भारत के सैनिक आमने-सामने आ गए थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल में कई जगह टकराव की स्थिति भी बनी। यह अभी भी जारी है। जुलाई के अंत से ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा इलाके में तनाव बना हुआ है। भारत ने भी सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ा दी है। शत्रुजीत ने राजस्थान के अलवर के सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हिमवीर सम्मान समारोह में यह बयान दिया। कहा- चीन ने LAC 6-7 किलोमीटर अंदर तंबू लगाया कपूर ने कहा कि चीनी सेना (PLA) भारतीय सीमा की समझ (LAC) के 6 से 7 किलोमीटर अंदर ऊंचाई वाले इलाके में तंबू लगाकर डटी हुई है, जिसके जवाब में भारत ने भी तैनाती बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि भारत में हुए 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग के भाग लेने और जुलाई के बाद दोनों देशों के बीच तीन उच्चस्तरीय बैठकों (WMCC, विशेष प्रतिनिधि वार्ता, कोर कमांडर स्तर) के बावजूद तनाव बरकरार रहा। ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमता बढ़ा रही ITBP कपूर ने कहा कि ड्रोन ने पारंपरिक युद्ध का तरीका काफी बदल दिया है। ITBP ड्रोन बनाने और एंटी-ड्रोन क्षमता मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बल LAC के पास अपने संसाधनों की सुरक्षा के लिए भूमिगत शेल्टर बना रहा है। कांग्रेस ने चुप रहने का आरोप लगाया कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सरकार पर इन टकरावों पर चुप रहने का आरोप लगाया। रमेश ने X पर लिखा, “19 जून 2020 को प्रधानमंत्री की चीन को दी गई बदनाम क्लीन चिट की कीमत भारत चुका रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “जब खुद को विश्वगुरु कहने वाले प्रधानमंत्री की चीन को लेकर सोची-समझी रियायतें जारी हैं, तब ITBP DG ने अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ हालिया फेसऑफ में बल के प्रदर्शन की सराहना की है।” गलवान में 15 जून 2020 को झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे 15 जून 2020 को चीन ने ईस्टर्न लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में एक्सरसाइज के बहाने सैनिकों को जमा किया था। इसके बाद कई जगहों पर घुसपैठ की घटनाएं हुई थीं। भारत सरकार ने भी इस इलाके में चीन के बराबर संख्या में सैनिक तैनात कर दिए थे। हालात इतने खराब हो गए कि LAC पर गोलियां चलीं। इसी दौरान 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। बाद में भारत ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था। इसमें करीब 60 चीनी जवान मारे गए थे। अरुणाचल प्रदेश को लेकर भी दोनों देशों के बीच विवाद भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद है। चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है और इसे ‘जांगनान’ यानी दक्षिणी तिब्बत कहता है। इसी दावे के तहत चीन 2017 से कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नाम जारी कर चुका है। 2023 में चीन ने 11 और 2024 में करीब 30 जगहों के नाम जारी किए थे। भारत हर बार इसका विरोध करता रहा है। भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न हिस्सा है और चीन के नाम बदलने से जमीन पर स्थिति नहीं बदल सकती। भारत की नजर में यह सिर्फ नामों का मामला नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र पर चीन के दावे से जुड़ा विवाद है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अफगानिस्तान ने चीन तक बनाई सड़क, भारत के लिए चिंता: 121 किमी का वाखान कॉरिडोर चीन के लिए सीधा रास्ता अफगानिस्तान ने उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में वाखान कॉरिडोर के जरिए चीन के शिनजियांग तक 121 किलोमीटर लंबी सड़क बना ली है। करीब 55 लाख डॉलर की लागत से बनी इस सड़क का उद्घाटन भी हो गया है। यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के बीच पहला सीधा जमीनी रास्ता है। पूरी खबर पढ़ें…

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