किम जोंग उन की बहन ने सीमा पर संभाला मोर्चा, दक्षिण कोरिया को दी चेतावनी

किम जोंग उन की बहन ने सीमा पर संभाला मोर्चा, दक्षिण कोरिया को दी चेतावनी

नई दिल्ली। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया से लगी सीमा के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर वहां चल रहे सैन्य किलेबंदी के कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दक्षिण कोरिया की ओर से किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई किए जाने पर कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

केसीएनए के अनुसार, किम यो जोंग के साथ उत्तर कोरियाई सेना के मार्शल पाक जोंग चोन भी मौजूद थे। किम यो जोंग ने सीमा पर किलेबंदी के प्रयासों को ‘पवित्र और महान कार्य’ बताते हुए कहा कि यह दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों को स्थायी रूप से समाप्त करने की किम जोंग उन की नीति के अनुरूप है। उत्तर कोरियाई नेता पहले ही दक्षिण कोरिया को अपना सबसे शत्रुतापूर्ण विरोधी घोषित कर चुके हैं।

बारूदी सुरंगों के विस्फोट के बाद बढ़ा तनाव

दोनों देशों के बीच तनाव पिछले महीने सीमा क्षेत्र में हुए बारूदी सुरंगों के विस्फोट के बाद बढ़ गया। इन घटनाओं में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। दक्षिण कोरिया की सेना ने इन विस्फोटों के लिए उत्तर कोरिया की ओर से सैन्य सीमांकन रेखा के दक्षिण में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को जिम्मेदार ठहराया था।

इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र कमान के साथ निरीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया ने औपचारिक रूप से उत्तर कोरिया पर बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया था। साथ ही, उसने उत्तर कोरिया से माफी मांगने और शेष सुरंगों को हटाने की मांग की थी। हालांकि, उत्तर कोरिया ने विस्फोटों में अपनी भूमिका से इनकार किया और उकसाए जाने पर कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।

सीमा पर हथियार तैनात करने के संकेत

किम यो जोंग ने सीमा निरीक्षण के दौरान सैनिकों को याद दिलाया कि किम जोंग उन ने दुश्मन के साथ लगने वाली सीमा को हमेशा के लिए अभेद्य बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरियाई सेना की नई मारक क्षमता वाली इकाइयां अपनी निर्धारित फायरिंग पोजिशन पर तैनात हो चुकी हैं।

इससे एक दिन पहले भी किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार प्रसारण दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने सीमा पर और अधिक शक्तिशाली हथियार तैनात करने की संभावना भी जताई थी। लाउडस्पीकर से प्रचार प्रसारण दोनों देशों के बीच मनोवैज्ञानिक युद्ध का पुराना तरीका रहा है।

दक्षिण कोरिया ने दी सख्त जवाब की चेतावनी

किम यो जोंग ने आरोप लगाया कि दक्षिण कोरियाई सेना सीमा पर किलेबंदी कर रहे उत्तर कोरियाई सैनिकों की ओर चेतावनी के तौर पर गोलियां चला रही है और प्रसारण कर रही है। उनके मुताबिक, दक्षिण कोरिया ने सैनिकों के सीमा पार करने का झूठा आरोप लगाकर ऐसी कार्रवाइयां की हैं, जो बारूदी सुरंगों के विस्फोट के बाद ‘खतरे की लाल रेखा’ से आगे बढ़ गई हैं।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जिन योंग-सुंग ने किम यो जोंग की चेतावनी को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने सेना को उत्तर कोरिया की संभावित उकसावे वाली कार्रवाई का सख्ती से जवाब देने का निर्देश दिया।

सीमा पर लगातार मजबूत कर रहा सैन्य ढांचा

उत्तर कोरिया पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण कोरिया से लगी सीमा पर बारूदी सुरंगें, कंटीले तारों की बाड़, टैंक रोधी अवरोध और अन्य सैन्य सुरक्षा ढांचे मजबूत कर रहा है। यह सीमा पहले से ही दुनिया की सबसे अधिक सैन्यीकृत सीमाओं में शामिल है।

दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, इस साल उत्तर कोरियाई सैनिक किलेबंदी के काम के दौरान 50 बार सैन्य सीमांकन रेखा पार कर चुके हैं। दक्षिण कोरिया ने इन घटनाओं के जवाब में चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं और प्रसारण किए।

वहीं, सीमा निरीक्षण के दौरान पाक जोंग चोन ने दक्षिण कोरिया पर बढ़ते तनाव का दोष उत्तर कोरिया पर डालने के लिए जानबूझकर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने दक्षिण कोरिया की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई के खिलाफ ‘करार जवाब’ देने की चेतावनी दी। साथ ही, उन्होंने सीमा उल्लंघन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उत्तर कोरियाई सेना अपनी सीमा को दूसरों से बेहतर जानती है।

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