सीवान में दुर्गा पूजा पर ट्रकों का प्रवेश जारी:DM-SP के आदेश बेअसर रहे, ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी ट्रक के पीछे चलती दिखी

सीवान में दुर्गा पूजा पर ट्रकों का प्रवेश जारी:DM-SP के आदेश बेअसर रहे, ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी ट्रक के पीछे चलती दिखी

सीवान में दुर्गा पूजा के दौरान शहर को जाम से मुक्त रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से जारी यातायात आदेशों का सप्तमी की रात असर नहीं दिखा। सदर एसडीओ के आदेश के बाद एसपी की ओर से जारी यातायात प्लान के बावजूद शहर में भारी वाहनों का प्रवेश जारी रहा। छोटे वाहनों के साथ ट्रक और अन्य भारी वाहन भी धड़ल्ले से शहर में आते रहे। हैरानी की बात यह रही कि एक ट्रक के पीछे यातायात थाने की गाड़ी भी चलती दिखाई दी, लेकिन भारी वाहन को रोकने की कार्रवाई नजर नहीं आई। दुर्गा पूजा के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद एसपी ने 17 से 23 अक्टूबर तक दोपहर दो बजे से रात दो बजे तक यातायात प्लान लागू किया गया। इसके तहत भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए थे। आम लोगों से भी अनावश्यक रूप से वाहन लेकर शहर में नहीं आने की अपील की गई थी। 8 बजे के बाद ही ट्रकों का प्रवेश जारी इसके बावजूद सप्तमी की रात पूर्व निर्धारित समय, यानी रात आठ बजे के बाद ही ट्रकों और भारी वाहनों का शहर में प्रवेश जारी रहा। इससे यातायात आदेशों के अनुपालन और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतिबंधित वाहनों को रोकने के लिए निर्धारित व्यवस्था के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से यातायात नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी नहीं दिखी। सप्तमी की रात एसपी भारत सोनी भी सपरिवार शहर के पूजा पंडालों और प्रतिमाओं के दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान शहर में भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से यातायात व्यवस्था के क्रियान्वयन पर सवाल उठे। आम लोगों को परेशानी होने की आशंका दुर्गा पूजा के दौरान शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से जाम, दुर्घटना और आम लोगों को परेशानी होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखकर प्रशासन ने यातायात प्लान तैयार किया था। हालांकि, सप्तमी की रात भारी वाहनों का प्रवेश जारी रहने से व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हुए। त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है। सप्तमी की रात सामने आई स्थिति ने प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी को चर्चा में ला दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यातायात प्रतिबंधों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सीवान में दुर्गा पूजा के दौरान शहर को जाम से मुक्त रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से जारी यातायात आदेशों का सप्तमी की रात असर नहीं दिखा। सदर एसडीओ के आदेश के बाद एसपी की ओर से जारी यातायात प्लान के बावजूद शहर में भारी वाहनों का प्रवेश जारी रहा। छोटे वाहनों के साथ ट्रक और अन्य भारी वाहन भी धड़ल्ले से शहर में आते रहे। हैरानी की बात यह रही कि एक ट्रक के पीछे यातायात थाने की गाड़ी भी चलती दिखाई दी, लेकिन भारी वाहन को रोकने की कार्रवाई नजर नहीं आई। दुर्गा पूजा के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद एसपी ने 17 से 23 अक्टूबर तक दोपहर दो बजे से रात दो बजे तक यातायात प्लान लागू किया गया। इसके तहत भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए थे। आम लोगों से भी अनावश्यक रूप से वाहन लेकर शहर में नहीं आने की अपील की गई थी। 8 बजे के बाद ही ट्रकों का प्रवेश जारी इसके बावजूद सप्तमी की रात पूर्व निर्धारित समय, यानी रात आठ बजे के बाद ही ट्रकों और भारी वाहनों का शहर में प्रवेश जारी रहा। इससे यातायात आदेशों के अनुपालन और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतिबंधित वाहनों को रोकने के लिए निर्धारित व्यवस्था के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से यातायात नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी नहीं दिखी। सप्तमी की रात एसपी भारत सोनी भी सपरिवार शहर के पूजा पंडालों और प्रतिमाओं के दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान शहर में भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से यातायात व्यवस्था के क्रियान्वयन पर सवाल उठे। आम लोगों को परेशानी होने की आशंका दुर्गा पूजा के दौरान शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से जाम, दुर्घटना और आम लोगों को परेशानी होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखकर प्रशासन ने यातायात प्लान तैयार किया था। हालांकि, सप्तमी की रात भारी वाहनों का प्रवेश जारी रहने से व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हुए। त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है। सप्तमी की रात सामने आई स्थिति ने प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी को चर्चा में ला दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यातायात प्रतिबंधों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *