महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा ने मतदाता सूची से अपना नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए, लेकिन ठेले वालों, गरीबों और संन्यासियों के वोट भी काट दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका नाम भी सूची से हटा दिया गया है। जन्मभूमि का प्रमाणपत्र मांगा जा रहा मिर्ची बाबा ने कहा कि उनसे जन्मभूमि का प्रमाण पत्र और माता-पिता के नाम की जानकारी मांगी जा रही है। संन्यास परंपरा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पिंडदान के बाद संन्यासी का अपने परिवार से संबंध नहीं रहता। उनकी पहचान गुरु परंपरा से होती है और उन्हें महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज नाम दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि संन्यासियों के वोट किस आधार पर काटे गए हैं और उनका नाम मतदाता सूची से क्यों हटाया गया? बाबा ने कहा कि वे चुनाव लड़ चुके हैं और आयकर भी भरते हैं। उनका दावा है कि एक नागरिक के तौर पर वोट डालना उनका मौलिक अधिकार है और उनसे यह अधिकार नहीं छीना जा सकता। ‘मैं दबकर जीने वाला संन्यासी नहीं’ मिर्ची बाबा ने कहा कि वे संविधान का पालन करते हुए खुद अदालत जाएंगे और सवाल करेंगे कि उनका वोट किस आधार पर काटा गया। उन्होंने कहा कि कई संन्यासियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, लेकिन वे इस मुद्दे पर नहीं बोलेंगे। उन्होंने कहा, “मैं दब के जीवन जीने वाला संन्यासी नहीं हूं।” एमपी में एसआईआर में कटे थे 34 लाख नाम मध्य प्रदेश में दिसंबर 2025 में जारी एसआईआर की ड्राफ्ट सूची में 42.74 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे, जबकि 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम सूची में मूल सूची की तुलना में 34.25 लाख से अधिक नाम कम हुए। भोपाल की बात करें तो 23 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के मुताबिक प्रदेश में 42 लाख 74 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। इनमें भोपाल जिले के 4 लाख 38 हजार 875 नाम शामिल थे। राजधानी की गोविंदपुरा विधानसभा में सबसे ज्यादा 97,052 नाम हटाए गए, जबकि नरेला में 81,235, मध्य में 67,304, हुजूर में 65,891, दक्षिण-पश्चिम में 63,432, उत्तर में 51,058 और बैरसिया में 12,903 नाम हटाए गए।

