अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी मिले समान महत्व:धर्मशाला में पूर्व कुलपति प्रो. कुठियाला संगोष्ठी में पहुंचे; कहा-राष्ट्र निर्माण में निभाएं जिम्मेदारी

अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी मिले समान महत्व:धर्मशाला में पूर्व कुलपति प्रो. कुठियाला संगोष्ठी में पहुंचे; कहा-राष्ट्र निर्माण में निभाएं जिम्मेदारी

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय और पंचनद शोध संस्थान ने धर्मशाला में एक संगोष्ठी आयोजित की। प्रख्यात चिंतक और पूर्व कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में नागरिकों को अपनी आहुति देनी चाहिए, सिर्फ कमियां नहीं गिनानी चाहिए। ‘हम भारत के लोग और हमारे दायित्व’ विषय पर उन्होंने नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, सामाजिक एकता और कर्तव्यबोध पर जोर दिया। प्रो. कुठियाला ने बताया कि ‘हम भारत के लोग’ हजारों वर्षों की साझा चेतना का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि भारत ज्ञान-विज्ञान में अग्रणी था, पर जातिगत विभाजन और आपसी कलह से समाज कमजोर हुआ। विदेशी आक्रांताओं ने इसका फायदा उठाया। इतिहास से सबक लेकर राष्ट्रीय एकता मजबूत करनी होगी। आज भारतीय मूल के लोग दुनिया में प्रतिभा दिखा रहे हैं। भारत भी तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति है। देश को अपनी बौद्धिक क्षमता और सांस्कृतिक विरासत से वैश्विक नेतृत्व में योगदान देना चाहिए। जिम्मेदार नागरिकता जरूरी है। लोकतंत्र में अधिकारों के प्रति जागरूकता आवश्यक प्रो. कुठियाला ने कहा कि लोकतंत्र में अधिकारों के प्रति जागरूकता आवश्यक है, लेकिन अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समान महत्व देना होगा। विरोध-प्रदर्शन, नारेबाजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को ही अधिकारों की अभिव्यक्ति मान लेना उचित नहीं है। असली सवाल यह है कि विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी और पेशेवर अपने-अपने क्षेत्र में समाज और देश के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कितनी ईमानदारी से कर रहे हैं। राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक अपने काम, व्यवहार और सामाजिक योगदान के माध्यम से देश की प्रगति में भागीदार बन सकता है। सामूहिक प्रयासों से ही भारत अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक क्षमता के अनुरूप वैश्विक पहचान को और मजबूत कर सकेगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *