सुपौल पुलिस ने दूरसंचार टावर से करीब 5.88 करोड़ रुपए मूल्य के फाइबर कार्ड चोरी मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भागदिवा निवासी ध्रुव द्विवेदी, पिता त्रिभुवन प्रह्लाद के रूप में हुई है। मंगलवार को एसपी शरथ आरएस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 1 अक्टूबर 2026 को पेरेग्रिन गार्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने पिपरा स्थित इंडस टावर साइट से दूरसंचार उपकरणों की चोरी को लेकर पिपरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लखनऊ से आरोपी को गिरफ्तार किया चोरी गए फाइबर कार्ड की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 88 लाख रुपए बताई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सुपौल एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। इसमें पिपरा थाना के पुलिस पदाधिकारियों और तकनीकी टीम को शामिल किया गया। बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई जारी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और सूचना संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए लखनऊ से आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बिहार, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी किए गए सामान को विदेशों में बेचा जाता था। पुलिस इस बिंदु पर गहन जांच कर रही है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान और चोरी गए उपकरणों की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई जारी है। 13 मामलों में नामजद होने का उल्लेख पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चोरी और गिरोहबंद गतिविधियों से जुड़े 13 मामलों में आपराधिक इतिहास दर्ज है। इनमें आजमगढ़, हमीरपुर, हरदोई, जालौन, खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, महोबा और अंबेडकरनगर के मामले शामिल हैं। सुपौल पुलिस ने दूरसंचार टावर से करीब 5.88 करोड़ रुपए मूल्य के फाइबर कार्ड चोरी मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भागदिवा निवासी ध्रुव द्विवेदी, पिता त्रिभुवन प्रह्लाद के रूप में हुई है। मंगलवार को एसपी शरथ आरएस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 1 अक्टूबर 2026 को पेरेग्रिन गार्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने पिपरा स्थित इंडस टावर साइट से दूरसंचार उपकरणों की चोरी को लेकर पिपरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लखनऊ से आरोपी को गिरफ्तार किया चोरी गए फाइबर कार्ड की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 88 लाख रुपए बताई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सुपौल एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। इसमें पिपरा थाना के पुलिस पदाधिकारियों और तकनीकी टीम को शामिल किया गया। बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई जारी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और सूचना संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए लखनऊ से आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बिहार, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी किए गए सामान को विदेशों में बेचा जाता था। पुलिस इस बिंदु पर गहन जांच कर रही है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान और चोरी गए उपकरणों की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई जारी है। 13 मामलों में नामजद होने का उल्लेख पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चोरी और गिरोहबंद गतिविधियों से जुड़े 13 मामलों में आपराधिक इतिहास दर्ज है। इनमें आजमगढ़, हमीरपुर, हरदोई, जालौन, खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, महोबा और अंबेडकरनगर के मामले शामिल हैं।

