दरभंगा में गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मद्य निषेध विभाग और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना की संयुक्त टीम ने बड़ी खेप बरामद की है। टीम ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एकमी घाट के पास एक कार से करीब 154 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे का बाजार मूल्य लगभग 46 लाख रुपए आंका गया है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी वैशाली जिले के बिदुपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। संयुक्त टीम की इस कार्रवाई के बाद गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है। गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार, पटना मद्य निषेध विभाग की टीम को गांजा की एक बड़ी खेप ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर स्थानीय थाना की टीम के साथ संदिग्ध वाहन का पीछा किया। इसी दौरान दरभंगा के एकमी घाट के पास डिजायर कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से करीब 154 किलो गांजा बरामद हुआ। इसके बाद वाहन पर सवार दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया गया। कार्रवाई में राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना की टीम भी शामिल थी। मधुबनी से गांजा लेकर समस्तीपुर जा रहे थे आरोपी बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रशून्जय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी मधुबनी से गांजा लेकर समस्तीपुर में डिलीवरी देने जा रहे थे। इसी दौरान मद्य निषेध विभाग की टीम को इसकी सूचना मिली और कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैशाली जिले के बिदुपुर निवासी संजय और रामनाथ के रूप में बताई गई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि गांजा की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी मिल सके। तस्करी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों का पहले भी गांजा तस्करी से जुड़ा कोई आपराधिक इतिहास रहा है या नहीं। इसके साथ ही गांजे की खरीद-बिक्री, आपूर्ति और डिलीवरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की छानबीन की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई कार किसकी है और खेप को किन रास्तों से लाया जा रहा था। पहले भी जिले में पकड़ी जा चुकी हैं गांजे की बड़ी खेप दरभंगा जिले में इससे पहले भी अलग-अलग स्थानों पर गांजा बरामदगी की कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस दरभंगा एयरपोर्ट से, वाजिदपुर, सदर और कमतौल थाना क्षेत्रों में गांजे की खेप पकड़ चुकी है। लगातार हो रही बरामदगी के बीच तस्करी के स्रोत, परिवहन के रास्तों और स्थानीय स्तर पर खरीद-बिक्री करने वालों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। एकमी घाट के पास हुई ताजा कार्रवाई में 154 किलो गांजे की बरामदगी को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। हालांकि, इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और तस्करी के नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे की कार्रवाई की जा रही है। दरभंगा में गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मद्य निषेध विभाग और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना की संयुक्त टीम ने बड़ी खेप बरामद की है। टीम ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एकमी घाट के पास एक कार से करीब 154 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे का बाजार मूल्य लगभग 46 लाख रुपए आंका गया है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी वैशाली जिले के बिदुपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। संयुक्त टीम की इस कार्रवाई के बाद गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है। गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार, पटना मद्य निषेध विभाग की टीम को गांजा की एक बड़ी खेप ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर स्थानीय थाना की टीम के साथ संदिग्ध वाहन का पीछा किया। इसी दौरान दरभंगा के एकमी घाट के पास डिजायर कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से करीब 154 किलो गांजा बरामद हुआ। इसके बाद वाहन पर सवार दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया गया। कार्रवाई में राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना की टीम भी शामिल थी। मधुबनी से गांजा लेकर समस्तीपुर जा रहे थे आरोपी बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रशून्जय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी मधुबनी से गांजा लेकर समस्तीपुर में डिलीवरी देने जा रहे थे। इसी दौरान मद्य निषेध विभाग की टीम को इसकी सूचना मिली और कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैशाली जिले के बिदुपुर निवासी संजय और रामनाथ के रूप में बताई गई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि गांजा की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी मिल सके। तस्करी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों का पहले भी गांजा तस्करी से जुड़ा कोई आपराधिक इतिहास रहा है या नहीं। इसके साथ ही गांजे की खरीद-बिक्री, आपूर्ति और डिलीवरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की छानबीन की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई कार किसकी है और खेप को किन रास्तों से लाया जा रहा था। पहले भी जिले में पकड़ी जा चुकी हैं गांजे की बड़ी खेप दरभंगा जिले में इससे पहले भी अलग-अलग स्थानों पर गांजा बरामदगी की कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस दरभंगा एयरपोर्ट से, वाजिदपुर, सदर और कमतौल थाना क्षेत्रों में गांजे की खेप पकड़ चुकी है। लगातार हो रही बरामदगी के बीच तस्करी के स्रोत, परिवहन के रास्तों और स्थानीय स्तर पर खरीद-बिक्री करने वालों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। एकमी घाट के पास हुई ताजा कार्रवाई में 154 किलो गांजे की बरामदगी को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। हालांकि, इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और तस्करी के नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे की कार्रवाई की जा रही है।

