डाक सेवक नौकरी नाम पर 19 युवाओं से लाखों ठगे:फर्जी नियुक्ति पत्र दिए, शक न हो इसलिए बिना काम 18-19 हजार रुपए सैलरी भी दी

डाक सेवक नौकरी नाम पर 19 युवाओं से लाखों ठगे:फर्जी नियुक्ति पत्र दिए, शक न हो इसलिए बिना काम 18-19 हजार रुपए सैलरी भी दी

बुरहानपुर में पोस्ट ऑफिस में ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी दिलाने के नाम पर 19 युवाओं से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवाओं से नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए लिए। उन्हें फर्जी ट्रेनिंग और नियुक्ति पत्र दिए गए। शक से बचने के लिए कुछ समय तक बिना काम किए हर महीने 18 से 19 हजार रुपए सैलरी भी दी गई। जब ट्रेनिंग नहीं हुई और बिना काम के वेतन मिलता रहा तो युवाओं को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। नेपानगर पुलिस ने मामले में आरोपी धीरज चौधरी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। धीरज लंबे समय से फरार था और मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। मामले में रईस खान और अनिल भाटे पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। चौथा आरोपी रामकृष्ण कास्डे अभी फरार है। 1 से 10 लाख रुपए तक लिए नेपानगर थाना प्रभारी शहाबुद्दीन कुरैशी के अनुसार, आरोपियों ने युवाओं को पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। वे खुद को ब्रांच पोस्टमास्टर और ऑपरेटर बताते थे। नौकरी लगाने के नाम पर करीब 19 युवाओं से अलग-अलग रकम ली गई। किसी से एक लाख, किसी से दो लाख और किसी से 5 से 10 लाख रुपए तक लिए गए। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों ने कुल 1.5 करोड़ रुपए की ठगी की है। वे खंडवा पोस्ट ऑफिस में काम कर चुके थे। इसी आधार पर उन्होंने फर्जी कर्मचारी आईडी भी तैयार कर ली थी। पुलिस मामले में साक्ष्य जुटा रही है। अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रामकृष्ण कास्डे की तलाश की जा रही है। 9 माह पहले दर्ज हुआ था केस खंडवा जिले की पंधाना तहसील के गुड़ी निवासी मोईनुद्दीन पिता जैनुद्दीन सिद्दीकी ने अन्य पीड़ितों के साथ नेपानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रईस पिता सलीम खान निवासी वार्ड नंबर-8 नेपानगर, धीरज पिता अशोक चौधरी निवासी खंडवा, रामकृष्ण कास्डे निवासी खालवा जिला खंडवा और अनिल भाटे निवासी जसवाड़ी जिला खंडवा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। ऐसे ठगी के शिकार हुए युवा पीड़ितों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 जनवरी 2022 से 20 अक्टूबर 2023 के बीच उन्हें ग्रामीण डाक सेवा में ऑफलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई। इसके बाद नेपानगर पोस्ट ऑफिस में बीपीएम का पद खाली होने की बात कही गई। रईस खान ने उनसे संपर्क कर कहा कि 10वीं पास बेरोजगारों के लिए ग्रामीण डाक सेवा में नौकरी का मौका है। युवाओं से नौकरी के लिए सिक्योरिटी के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराई गई। किसी से 5 लाख रुपए तो किसी से इससे ज्यादा रकम ली गई। कहा गया कि तीन साल बाद जमा राशि ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी। आरोपियों के कहने पर युवाओं ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक में खाते भी खुलवाए। जब उन्होंने नियुक्ति पत्र मांगा तो 2 नवंबर 2023 को रईस ने हाथ से नियुक्ति पत्र दिया। इसके बाद 5 नवंबर 2023 को ट्रेनिंग लेटर दिया गया और खंडवा हेड ऑफिस में ट्रेनिंग की बात कही गई। युवाओं की धीरज चौधरी से भी बात कराई गई। बाद में उन्हें बताया गया कि भर्ती कैंसिल हो गई है और उनकी जमा राशि तीन महीने में ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी। शिकायत के अनुसार, युवाओं के खातों में तीन महीने तक ब्याज के नाम पर करीब 20 हजार रुपए डाले गए। इसके बाद युवाओं ने रईस से रकम वापस मांगी। उसके घर के कई चक्कर लगाने के बाद उन्हें कहा गया कि 2025 में बजट आने पर मई-जून में पैसा वापस कर दिया जाएगा। बाद में आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिए। इसके बाद युवाओं को ठगी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की।

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