पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (पंचकूला) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी के निर्देशानुसार शनिवार को जिला सोनीपत सहित गोहाना, गन्नौर और खरखौदा न्यायालय परिसरों में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जगजीत सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस लोक अदालत में चेक बाउंस (धारा-138 एनआई एक्ट) से जुड़े मामलों का निपटारा किया गया। विशेष लोक अदालत के दौरान कुल 48 मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों के तहत कुल 91,91,305 रुपये की विवादित राशि का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला गया, जिससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बड़ी राहत मिली। समय और धन की बचत का सुलभ माध्यम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यकारी सचिव दीप्ति ने बताया कि लोक अदालत विवादों के त्वरित व प्रभावी समाधान का बेहतरीन जरिया है। उन्होंने कहा कि… लागत और समय की बचत: आपसी सहमति से समाधान होने के कारण दोनों पक्षों के समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है। बाध्यकारी फैसला: लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय (अवार्ड) अंतिम होता है और सभी पक्षकारों पर समान रूप से बाध्यकारी होता है। कार्यकारी सचिव ने आमजन से अपील की है कि वे अपने लंबित और समझौता योग्य मुकदमों के समाधान के लिए भविष्य में आयोजित होने वाली लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

