सीमेंट-कारोबारी के PNB खाते से 5.86 लाख की साइबर ठगी:न OTP आया न कोई कॉल; 14 ट्रांजेक्शन, 1930 पर शिकायत के बाद जांच

सीमेंट-कारोबारी के PNB खाते से 5.86 लाख की साइबर ठगी:न OTP आया न कोई कॉल; 14 ट्रांजेक्शन, 1930 पर शिकायत के बाद जांच

जमुई के बोधवन तालाब रोड निवासी छड़-सीमेंट कारोबारी अरुण कुमार वर्णवाल साइबर ठगी के शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से 14 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5 लाख 86 हजार 670 रुपए निकाल लिए। कारोबारी के खाते में अब सिर्फ 1,348 रुपए बचे हैं। पहले 30 हजार कटे, फिर लगातार होते रहे ट्रांजेक्शन अरुण कुमार के मुताबिक, उनके मोबाइल पर पहले खाते से 30 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले खाते से लगातार रकम कटने लगी। थोड़ी देर में 14 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 5.86 लाख रुपए खाते से गायब हो गए। न UPI चलाते हैं, न ATM कार्ड होने का दावा पीड़ित कारोबारी का कहना है कि वह फोन-पे या गूगल-पे का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उनके पास एटीएम कार्ड भी नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना से पहले उनके पास किसी अज्ञात व्यक्ति का फ्रॉड कॉल नहीं आया और न ही उन्होंने हाल में कोई संदिग्ध मोबाइल ऐप डाउनलोड किया था। बैंक बंद मिला, खाते की पूरी जानकारी नहीं हो सकी हासिल घटना की जानकारी मिलते ही अरुण कुमार ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में भी लिखित आवेदन दिया। बैंक बंद होने के कारण फिलहाल वह खाते से हुए सभी ट्रांजेक्शन और रकम निकासी के तरीके की पूरी जानकारी हासिल नहीं कर सके हैं। पुलिस जांच में जुटी, निकासी के तरीके पर सवाल मामले में साइबर थाना पुलिस जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना UPI इस्तेमाल, ATM कार्ड या किसी फ्रॉड कॉल के खाते से इतनी बड़ी रकम कैसे निकली। पुलिस बैंकिंग ट्रांजेक्शन की डिटेल, रकम किस खाते में गई और निकासी किस माध्यम से हुई, इसकी जांच कर रही है। जमुई के बोधवन तालाब रोड निवासी छड़-सीमेंट कारोबारी अरुण कुमार वर्णवाल साइबर ठगी के शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से 14 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5 लाख 86 हजार 670 रुपए निकाल लिए। कारोबारी के खाते में अब सिर्फ 1,348 रुपए बचे हैं। पहले 30 हजार कटे, फिर लगातार होते रहे ट्रांजेक्शन अरुण कुमार के मुताबिक, उनके मोबाइल पर पहले खाते से 30 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले खाते से लगातार रकम कटने लगी। थोड़ी देर में 14 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 5.86 लाख रुपए खाते से गायब हो गए। न UPI चलाते हैं, न ATM कार्ड होने का दावा पीड़ित कारोबारी का कहना है कि वह फोन-पे या गूगल-पे का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उनके पास एटीएम कार्ड भी नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना से पहले उनके पास किसी अज्ञात व्यक्ति का फ्रॉड कॉल नहीं आया और न ही उन्होंने हाल में कोई संदिग्ध मोबाइल ऐप डाउनलोड किया था। बैंक बंद मिला, खाते की पूरी जानकारी नहीं हो सकी हासिल घटना की जानकारी मिलते ही अरुण कुमार ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में भी लिखित आवेदन दिया। बैंक बंद होने के कारण फिलहाल वह खाते से हुए सभी ट्रांजेक्शन और रकम निकासी के तरीके की पूरी जानकारी हासिल नहीं कर सके हैं। पुलिस जांच में जुटी, निकासी के तरीके पर सवाल मामले में साइबर थाना पुलिस जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना UPI इस्तेमाल, ATM कार्ड या किसी फ्रॉड कॉल के खाते से इतनी बड़ी रकम कैसे निकली। पुलिस बैंकिंग ट्रांजेक्शन की डिटेल, रकम किस खाते में गई और निकासी किस माध्यम से हुई, इसकी जांच कर रही है।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *