बिहार में वन्यजीव तस्करी के संवेदनशील रास्तों का बनेगा नक्शा:पूरे नेटवर्क की जांच, टोल प्लाजा CCTV से गाड़ियों पर नजर; रेलवे-सड़क-हवाई मार्ग पर बढ़ेगी निगरानी

बिहार में वन्यजीव तस्करी के संवेदनशील रास्तों का बनेगा नक्शा:पूरे नेटवर्क की जांच, टोल प्लाजा CCTV से गाड़ियों पर नजर; रेलवे-सड़क-हवाई मार्ग पर बढ़ेगी निगरानी

बिहार में वन्यजीव अपराध के लिहाज से संवेदनशील इलाकों और तस्करी के रास्तों की पहचान कर उनका नक्शा तैयार किया जाएगा। ऐसे मार्गों पर संयुक्त रूप से छापेमारी और कार्रवाई की जाएगी। बिहार में वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन्यजीव अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने और जब्ती से जुड़ी जानकारी समय पर एक-दूसरे से साझा करने की बात कही गई। तस्करी के पूरे नेटवर्क, लेन-देन की होगी जांच अधिकारियों के मुताबिक, वन्यजीव तस्करी में शामिल लोगों के साथ-साथ पूरे नेटवर्क और उनसे जुड़े पैसों के लेन-देन की भी जांच होनी चाहिए। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होने वाले वन्यजीव अपराधों की निगरानी, डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने और लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। टोल प्लाजा के CCTV कैमरों से वाहनों की निगरानी होगी इसके अलावा टोल प्लाजा के CCTV कैमरों से वाहनों की निगरानी की संभावनाएं तलाशने, हवाई अड्डों पर कार्रवाई के लिए नियमों को अपडेट करने और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की बात कही गई। वन्यजीव अपराधों से जुड़ी रिपोर्ट को एक तय प्रारूप में तैयार कर तस्करी के नए तरीकों और रास्तों की नियमित समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया। रेलवे, सड़क और हवाई मार्गों पर बढ़ेगी निगरानी प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह ने बिहार की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए वन्यजीव अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी समन्वय तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने रेलवे, सड़क और हवाई मार्गों सहित प्रमुख पारगमन स्थलों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई। मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार ने अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी के खिलाफ सूचना साझा करने तथा संयुक्त कार्रवाई को जरूरी बताया। वहीं, पुलिस महानिरीक्षक-सह-अपर निदेशक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) मुख्यालय रुचिका ऋषि ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से जुड़े अपराधों की रोकथाम, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण और कानूनी कार्रवाई पर प्रकाश डाला। बिहार में वन्यजीव अपराध के लिहाज से संवेदनशील इलाकों और तस्करी के रास्तों की पहचान कर उनका नक्शा तैयार किया जाएगा। ऐसे मार्गों पर संयुक्त रूप से छापेमारी और कार्रवाई की जाएगी। बिहार में वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन्यजीव अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने और जब्ती से जुड़ी जानकारी समय पर एक-दूसरे से साझा करने की बात कही गई। तस्करी के पूरे नेटवर्क, लेन-देन की होगी जांच अधिकारियों के मुताबिक, वन्यजीव तस्करी में शामिल लोगों के साथ-साथ पूरे नेटवर्क और उनसे जुड़े पैसों के लेन-देन की भी जांच होनी चाहिए। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होने वाले वन्यजीव अपराधों की निगरानी, डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने और लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। टोल प्लाजा के CCTV कैमरों से वाहनों की निगरानी होगी इसके अलावा टोल प्लाजा के CCTV कैमरों से वाहनों की निगरानी की संभावनाएं तलाशने, हवाई अड्डों पर कार्रवाई के लिए नियमों को अपडेट करने और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की बात कही गई। वन्यजीव अपराधों से जुड़ी रिपोर्ट को एक तय प्रारूप में तैयार कर तस्करी के नए तरीकों और रास्तों की नियमित समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया। रेलवे, सड़क और हवाई मार्गों पर बढ़ेगी निगरानी प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह ने बिहार की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए वन्यजीव अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी समन्वय तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने रेलवे, सड़क और हवाई मार्गों सहित प्रमुख पारगमन स्थलों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई। मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार ने अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी के खिलाफ सूचना साझा करने तथा संयुक्त कार्रवाई को जरूरी बताया। वहीं, पुलिस महानिरीक्षक-सह-अपर निदेशक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) मुख्यालय रुचिका ऋषि ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से जुड़े अपराधों की रोकथाम, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण और कानूनी कार्रवाई पर प्रकाश डाला।  

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