अलीगढ़ में क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव पर हमले का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। वाल्मीकि समाज द्वारा सुबह सिविल लाइंस थाने के घेराव के बाद गुरुवार दोपहर क्षत्रिय समाज के लोग भी बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच गए। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और करणी सेना की अगुवाई में जुटी भीड़ ने एसपी सिटी आदित्य बंसल से मुलाकात कर हमले में आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग रखी।
करीब एक घंटे तक चली वार्ता में पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वायरल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। जो लोग घटना में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। इसके बाद सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बाहर मौजूद लोगों को समझाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को कार्रवाई का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी दबाव में कार्रवाई कमजोर पड़ी तो क्षत्रिय समाज आंदोलन करेगा। विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया वीडियो से
पुलिस के अनुसार विवाद की शुरुआत आईटीआई रोड पर हुई पंचायत से जुड़े एक वीडियो को लेकर हुई। सचिन के भाई सुंदर राघव के कथित विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद कुछ लोगों ने सचिन से फोन पर संपर्क कर वीडियो हटाने को कहा। सचिन ने वीडियो हटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद फोन पर दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज हुई। बुधवार शाम इसी विवाद के बाद घंटाघर के पास सचिन राघव और उनके साथियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
दोनों पक्षों पर मुकदमे, पुलिस कर रही गिरफ्तारी की तैयारी
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मारपीट के आरोपियों की वीडियो के आधार पर पहचान कराई जा रही है। पहचान होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी और जांच के आधार पर ही कदम उठाया जाएगा।
भीड़ ने दी चेतावनी, फिर लौटी
एसपी सिटी कार्यालय के बाहर दो-तीन सौ से अधिक लोग जुटे रहे। करीब एक घंटे की वार्ता के बाद सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बाहर आकर लोगों को पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी। अधिकारियों के समझाने के बाद भीड़ शांत हुई और चेतावनी देकर वहां से लौट गई। पुलिस अब इस पूरे मामले में दोनों पक्षों की गतिविधियों और सोशल मीडिया पर चल रही सामग्री पर नजर रख रही है। समाज कानून हाथ में नहीं लेना चाहता। पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे, यही मांग है। यदि हमले के आरोपियों के पक्ष में दबाव बनाया गया और कार्रवाई प्रभावित हुई तो समाज आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा। करणी सेना द्वारा रोहिणी के सम्मान किए जाने की प्रतिक्रिया में यह विवाद खड़ा हुआ। सचिन जिस गौरक्षा संगठन से जुड़े हैं, उसमें वाल्मीकि और अनुसूचित जाति के लोग भी हैं। ऐसे में घटना को राजनीतिक साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। -ठाकुर शैलेंद्रपाल सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेशाध्यक्ष भीम आर्मी की आड़ में कुछ लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं और ऐसे मामलों पर रोक लगनी चाहिए। आज सचिन के साथ हुआ है, कल किसी और के साथ भी हो सकता है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।-युद्धि राणा हापुड़ से पहुंचे करणी सेना नेता सोशल मीडिया अकाउंट रडार पर, विवादित कंटेंट ब्लॉक कराने की तैयारी
घटना के बाद पुलिस की निगाह सोशल मीडिया पर भी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ टिप्पणी और विवादित वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं। ऐसे कुछ अकाउंट और कंटेंट को निगरानी में लिया गया है। पुलिस स्तर से संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पत्राचार कर विवादित कंटेंट को हटाने या ब्लॉक कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि सोशल मीडिया पर लगातार भड़काऊ या विवादित सामग्री प्रसारित होने से मामला और बढ़ सकता है। इसी वजह से पुलिस जमीन पर कार्रवाई के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ा रही है।

