नालंदा में एक शिव मंदिर में शनिवार दोपहर तीन नाबालिगों ने पत्थर फेंके। इसके बाद मंदिर में थूकते नजर आए। थोड़ी देर बाद दो नाबालिग ग्रिल के अंदर मंदिर में टॉयलेट भी करते नजर आए और भाग गए। नाबालिगों की पूरी करतूत मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की जानकारी उस वक्त हुई जब स्थानीय युवक दोपहर तीन बजे मंदिर पहुंचा। घटना की जानकारी के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। करीब तीन घंटे बाद पुलिस को इसकी सूचना मिली। देर रात तक पुलिस इलाके में मौजूद रही। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला दरअसल, दोपहर 12 बजे के बाद मंदिर का पट बंद कर दिया गया था। मंदिर के पास रहने वाला युवक सूरज दोपहर तीन बजे के बाद मंदिर पहुंचा। सूरज ने देखा कि मंदिर के गेट के बाहर ग्रिल के पास बहुत सारे ईंट-पत्थर गिरे हुए हैं। शुरुआत में उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और मंदिर परिसर को धोकर साफ कर दिया। बाद में जब उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की, तो देखा कि दोपहर करीब 2:45 बजे तीन-चार लड़के आए, जिन्होंने मंदिर पर ईंट-पत्थर मारे, शिवलिंग के पास पेशाब किया और अपशब्द भी बोले। ऑडियो वाले कैमरे में उनकी गालियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। माहौल न बिगड़े, इसलिए युवाओं ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लड़कों की पहचान कर उनके घर जाकर पूछताछ की। मुस्लिम बहुल इलाके में इकलौता मंदिर, पहले हो चुकी है चोरी मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले अमन कुमार ने बताया कि ये मंदिर मुस्लिम बहुल इलाके का इकलौता शिव मंदिर है। यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। नाबालिगों ने जानबूझकर मंदिर के गेट पर पत्थर चलाए और अंदर जाकर पेशाब किया। अमन ने बताया कि इससे पहले भी इस मंदिर में चोरी की घटना हो चुकी है। इन घटनाओं से स्थानीय हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाएं लगातार आहत हो रही हैं। मंदिर जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण से परेशान हैं श्रद्धालु स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। सूरज और अमन ने बताया कि पहले श्रद्धालु मुख्य गेट से आते थे, लेकिन वहां कीचड़ जमा रहता था। स्थानीय लड़कों ने खुद मिट्टी भरकर रास्ता ठीक किया, लेकिन बाद में उस रास्ते को बंद कर दिया गया। मंदिर तक पहुंचने के दो रास्ते पूरी तरह अतिक्रमित कर बंद कर दिए गए हैं। अब जो एकमात्र रास्ता बचा है, उसकी नालियां टूटी हुई हैं और स्थिति बदतर है। रास्तों के बंद होने और खराब माहौल के कारण श्रद्धालु सुबह-शाम पूजा और दर्शन के लिए आने से कतराते हैं। महाशिवरात्रि पर विधायक ने किया था चबूतरे का उद्घाटन, बाउंड्री अधूरी बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर-41 में स्थित बाबा मणिराम अखाड़ा के उत्तर गैरमजरूआ भूमि पर इस मंदिर का निर्माण हुआ है। इसी वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर बिहारशरीफ के विधायक डॉ. सुनील कुमार ने विधायक मद की 14 लाख 90 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित चबूतरे का विधिवत उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया था। इसके बाद से ही यहां सुबह-शाम नियमित पूजा-पाठ हो रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों की शिकायत है कि मंदिर का काम पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और अब तक बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे असामाजिक तत्वों को अंदर घुसने का मौका मिल जाता है। एसपी और डीएसपी ने साधी चुप्पी, नहीं उठाया फोन शहर के बीचों-बीच स्थित मंदिर में हुई इस संवेदनशील घटना को लेकर जब पुलिस का पक्ष जानना चाहा, तो अधिकारियों का रवैया बेहद निराशाजनक रहा। इस मामले की जानकारी लेने के लिए नालंदा के एसपी हृदय कांत, सदर डीएसपी-1 अमरनाथ और बिहार थाना के थानाध्यक्ष सम्राट दीपक को फोन किया गया, लेकिन किसी भी पदाधिकारी ने फोन रिसीव करने तक की जहमत नहीं उठाई और न ही घटना को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। हालांकि, देर रात पुलिस की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई, जिसमें कहा गया कि शाम 6 बजे सूचना मिली कि बिहार थाना के शेरपुर थवई मोहल्ला में शिव मंदिर के बाहर लगे हनुमानजी की मूर्ति को कुछ शरारती तत्वों की ओर से क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया है। सूचना के संबंध में त्वरित कार्यवाही करते हुए मंदिर में स्थापित सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पता चला कि करीब 4-5 साल के 3 बच्चों ने मंदिर के बाहर लगे हनुमान जी की मूर्ति के पर ईंट पत्थर फेंके। तीनों बच्चों को पकड़कर उनसे पूछताछ की जा रही है। मूर्ति में किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पाई गयी है। आवेदक आरव राज के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। विधि व्यवस्था के मद्येनजर मंदिर एवं उसके आस-पास दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है। विधि व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। नालंदा में एक शिव मंदिर में शनिवार दोपहर तीन नाबालिगों ने पत्थर फेंके। इसके बाद मंदिर में थूकते नजर आए। थोड़ी देर बाद दो नाबालिग ग्रिल के अंदर मंदिर में टॉयलेट भी करते नजर आए और भाग गए। नाबालिगों की पूरी करतूत मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की जानकारी उस वक्त हुई जब स्थानीय युवक दोपहर तीन बजे मंदिर पहुंचा। घटना की जानकारी के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। करीब तीन घंटे बाद पुलिस को इसकी सूचना मिली। देर रात तक पुलिस इलाके में मौजूद रही। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला दरअसल, दोपहर 12 बजे के बाद मंदिर का पट बंद कर दिया गया था। मंदिर के पास रहने वाला युवक सूरज दोपहर तीन बजे के बाद मंदिर पहुंचा। सूरज ने देखा कि मंदिर के गेट के बाहर ग्रिल के पास बहुत सारे ईंट-पत्थर गिरे हुए हैं। शुरुआत में उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और मंदिर परिसर को धोकर साफ कर दिया। बाद में जब उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की, तो देखा कि दोपहर करीब 2:45 बजे तीन-चार लड़के आए, जिन्होंने मंदिर पर ईंट-पत्थर मारे, शिवलिंग के पास पेशाब किया और अपशब्द भी बोले। ऑडियो वाले कैमरे में उनकी गालियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। माहौल न बिगड़े, इसलिए युवाओं ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लड़कों की पहचान कर उनके घर जाकर पूछताछ की। मुस्लिम बहुल इलाके में इकलौता मंदिर, पहले हो चुकी है चोरी मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले अमन कुमार ने बताया कि ये मंदिर मुस्लिम बहुल इलाके का इकलौता शिव मंदिर है। यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। नाबालिगों ने जानबूझकर मंदिर के गेट पर पत्थर चलाए और अंदर जाकर पेशाब किया। अमन ने बताया कि इससे पहले भी इस मंदिर में चोरी की घटना हो चुकी है। इन घटनाओं से स्थानीय हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाएं लगातार आहत हो रही हैं। मंदिर जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण से परेशान हैं श्रद्धालु स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। सूरज और अमन ने बताया कि पहले श्रद्धालु मुख्य गेट से आते थे, लेकिन वहां कीचड़ जमा रहता था। स्थानीय लड़कों ने खुद मिट्टी भरकर रास्ता ठीक किया, लेकिन बाद में उस रास्ते को बंद कर दिया गया। मंदिर तक पहुंचने के दो रास्ते पूरी तरह अतिक्रमित कर बंद कर दिए गए हैं। अब जो एकमात्र रास्ता बचा है, उसकी नालियां टूटी हुई हैं और स्थिति बदतर है। रास्तों के बंद होने और खराब माहौल के कारण श्रद्धालु सुबह-शाम पूजा और दर्शन के लिए आने से कतराते हैं। महाशिवरात्रि पर विधायक ने किया था चबूतरे का उद्घाटन, बाउंड्री अधूरी बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर-41 में स्थित बाबा मणिराम अखाड़ा के उत्तर गैरमजरूआ भूमि पर इस मंदिर का निर्माण हुआ है। इसी वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर बिहारशरीफ के विधायक डॉ. सुनील कुमार ने विधायक मद की 14 लाख 90 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित चबूतरे का विधिवत उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया था। इसके बाद से ही यहां सुबह-शाम नियमित पूजा-पाठ हो रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों की शिकायत है कि मंदिर का काम पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और अब तक बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे असामाजिक तत्वों को अंदर घुसने का मौका मिल जाता है। एसपी और डीएसपी ने साधी चुप्पी, नहीं उठाया फोन शहर के बीचों-बीच स्थित मंदिर में हुई इस संवेदनशील घटना को लेकर जब पुलिस का पक्ष जानना चाहा, तो अधिकारियों का रवैया बेहद निराशाजनक रहा। इस मामले की जानकारी लेने के लिए नालंदा के एसपी हृदय कांत, सदर डीएसपी-1 अमरनाथ और बिहार थाना के थानाध्यक्ष सम्राट दीपक को फोन किया गया, लेकिन किसी भी पदाधिकारी ने फोन रिसीव करने तक की जहमत नहीं उठाई और न ही घटना को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। हालांकि, देर रात पुलिस की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई, जिसमें कहा गया कि शाम 6 बजे सूचना मिली कि बिहार थाना के शेरपुर थवई मोहल्ला में शिव मंदिर के बाहर लगे हनुमानजी की मूर्ति को कुछ शरारती तत्वों की ओर से क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया है। सूचना के संबंध में त्वरित कार्यवाही करते हुए मंदिर में स्थापित सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पता चला कि करीब 4-5 साल के 3 बच्चों ने मंदिर के बाहर लगे हनुमान जी की मूर्ति के पर ईंट पत्थर फेंके। तीनों बच्चों को पकड़कर उनसे पूछताछ की जा रही है। मूर्ति में किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पाई गयी है। आवेदक आरव राज के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। विधि व्यवस्था के मद्येनजर मंदिर एवं उसके आस-पास दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है। विधि व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।

