सहरसा के सदर अस्पताल परिसर में कवरेज करने पहुंचे स्थानीय डिजिटल मीडिया के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल के प्रभारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके आजाद और कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने पत्रकार के साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोग पत्रकार को अस्पताल परिसर में दौड़ाते और उनके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। मारपीट में घायल पत्रकार को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला उस समय का बताया जा रहा है, जब पत्रकार कहरा प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बीमार पड़े बच्चों का हाल जानने सदर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान विवाद शुरू होने की बात सामने आई है। बीमार बच्चों और परिजनों का पक्ष रिकॉर्ड करने पहुंचे थे जानकारी के अनुसार, कहरा प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद बच्चों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी मामले की कवरेज के लिए पत्रकार अभिषेक कुमार अस्पताल पहुंचे थे। वे अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनका पक्ष कैमरे में रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी दौरान अस्पताल में मौजूद प्रभारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके आजाद और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ उनकी कहासुनी होने की बात सामने आई है। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों ने पत्रकार के साथ मारपीट की और उनका मोबाइल व कैमरा छीनने की भी कोशिश की। वायरल वीडियो में अस्पताल परिसर में दौड़ाते दिखे लोग घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पत्रकार को अस्पताल परिसर में कुछ लोगों द्वारा दौड़ाते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद उनके साथ मारपीट किए जाने का दृश्य भी दिखाई दे रहा है। वीडियो में अस्पताल के प्रभारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके आजाद के भी मौके पर मौजूद होने की बात सामने आ रही है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और मारपीट की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद घायल पत्रकार को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मामले को लेकर जिले के पत्रकारों में आक्रोश है। पत्रकार संगठनों ने जताया विरोध, कार्रवाई की मांग पत्रकार के साथ मारपीट की घटना सामने आने के बाद जिले के पत्रकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। पत्रकार संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि किसी भी मामले की रिपोर्टिंग करना मीडिया का काम है। यदि कवरेज को लेकर कोई आपत्ति थी तो नियमानुसार पत्रकार से बात की जा सकती थी। मारपीट या कैमरा छीनने की कोशिश को उचित नहीं ठहराया जा सकता। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोग अस्पताल परिसर में पत्रकार की सुरक्षा और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की बात वीडियो वायरल होने के बाद मामला पटना स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन बोले- अभी किसी पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की विधिवत जांच कराई जाएगी। वहीं सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत आने का इंतजार है। इसके बाद वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। सहरसा के सदर अस्पताल परिसर में कवरेज करने पहुंचे स्थानीय डिजिटल मीडिया के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल के प्रभारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके आजाद और कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने पत्रकार के साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोग पत्रकार को अस्पताल परिसर में दौड़ाते और उनके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। मारपीट में घायल पत्रकार को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला उस समय का बताया जा रहा है, जब पत्रकार कहरा प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बीमार पड़े बच्चों का हाल जानने सदर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान विवाद शुरू होने की बात सामने आई है। बीमार बच्चों और परिजनों का पक्ष रिकॉर्ड करने पहुंचे थे जानकारी के अनुसार, कहरा प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद बच्चों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी मामले की कवरेज के लिए पत्रकार अभिषेक कुमार अस्पताल पहुंचे थे। वे अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनका पक्ष कैमरे में रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी दौरान अस्पताल में मौजूद प्रभारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके आजाद और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ उनकी कहासुनी होने की बात सामने आई है। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों ने पत्रकार के साथ मारपीट की और उनका मोबाइल व कैमरा छीनने की भी कोशिश की। वायरल वीडियो में अस्पताल परिसर में दौड़ाते दिखे लोग घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पत्रकार को अस्पताल परिसर में कुछ लोगों द्वारा दौड़ाते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद उनके साथ मारपीट किए जाने का दृश्य भी दिखाई दे रहा है। वीडियो में अस्पताल के प्रभारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके आजाद के भी मौके पर मौजूद होने की बात सामने आ रही है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और मारपीट की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद घायल पत्रकार को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मामले को लेकर जिले के पत्रकारों में आक्रोश है। पत्रकार संगठनों ने जताया विरोध, कार्रवाई की मांग पत्रकार के साथ मारपीट की घटना सामने आने के बाद जिले के पत्रकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। पत्रकार संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि किसी भी मामले की रिपोर्टिंग करना मीडिया का काम है। यदि कवरेज को लेकर कोई आपत्ति थी तो नियमानुसार पत्रकार से बात की जा सकती थी। मारपीट या कैमरा छीनने की कोशिश को उचित नहीं ठहराया जा सकता। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोग अस्पताल परिसर में पत्रकार की सुरक्षा और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की बात वीडियो वायरल होने के बाद मामला पटना स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन बोले- अभी किसी पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की विधिवत जांच कराई जाएगी। वहीं सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत आने का इंतजार है। इसके बाद वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

