प्रयागराज स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) इलाहाबाद के झलवा परिसर में शनिवार को 21वां दीक्षांत समारोह हुआ। इस समारोह में कुल 728 छात्रों को डिग्रियां दी गईं। अलग-अलग कैटेगरी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले 22 छात्रों को मेडल भी मिले। दिव्यांश ओमर को उनके ओवरऑल शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए वर्ष 2026 का चेयरमैन स्वर्ण पदक दिया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद ए. नाटू ने छात्रों से कहा कि वे विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल समाज और देश के फायदे के लिए करें। उन्होंने बताया कि डिग्री मिलने के साथ छात्रों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। अब उनके कंधों पर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की बड़ी जिम्मेदारी है। प्रो. नाटू ने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा, सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन ईंधन, नई बैटरी, साफ पानी, सस्ती दवाएं और अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं जैसी कई चुनौतियां आएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकें इन समस्याओं को हल करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने AI के गलत इस्तेमाल से नौकरी, निजता, रचनात्मकता और इंसानी रिश्तों पर पड़ने वाले असर को लेकर भी आगाह किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. भीम सिंह ने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ ज्ञान पाना नहीं है। इसका इस्तेमाल आम लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए भी होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने ज्ञान और हुनर का इस्तेमाल समाज के लिए करें। आईआईआईटी इलाहाबाद के पूर्व छात्र और Disseqt AI के संस्थापक-सीईओ अपूर्व कुमार ने छात्रों से कहा कि वे सिर्फ बड़े पैकेज या अच्छे पद को ही सफलता न मानें। उन्होंने लगातार सीखते रहने, जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करने की सलाह दी। संस्थान के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावाने ने बताया कि नए बीटेक कोर्स में 160 क्रेडिट के साथ अनिवार्य बहुविषयक माइनर शुरू किया गया है। छात्र अपनी पसंद के हिसाब से उद्यमिता और नवाचार, अर्थशास्त्र और वित्त, भारतीय ज्ञान परंपरा, प्रदर्शन और ललित कला जैसे क्षेत्रों में माइनर चुन सकेंगे। संस्थान ने सभी 11 एमटेक कार्यक्रमों के नाम और पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया है, ताकि उन्हें नए तकनीकी क्षेत्रों और उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके। 96.25 फीसदी बीटेक विद्यार्थियों का प्लेसमेंट
निदेशक ने बताया कि वर्ष 2026 के बीटेक बैच में 480 विद्यार्थियों ने प्लेसमेंट के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें 462 का चयन हुआ। इस तरह प्लेसमेंट दर 96.25 प्रतिशत रही। प्लेसमेंट पाने वाले विद्यार्थियों का औसत सालाना CTC करीब 32.50 लाख रुपये, जबकि माध्यिका CTC 26 लाख रुपये रही। दीक्षांत समारोह में 466 स्नातक, 210 स्नातकोत्तर, 13 एमटेक-पीएचडी दोहरी उपाधि, एक एमबीए-पीएचडी, सात कार्यरत पेशेवरों के लिए पीएचडी और 31 शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। स्नातक स्तर पर 281 विद्यार्थियों को बीटेक सूचना प्रौद्योगिकी, 140 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी और 45 को बिजनेस इंफॉर्मेटिक्स की उपाधि मिली।

