गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) में मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया अब AI की मदद से आसान होने जा रही है। GDA का नया प्लेटफार्म ‘मानचित्र मित्र’ आवेदन करने से पहले ही मानचित्र की कमियां पकड़ लेगा। AI यह भी बताएगा कि गलती को कैसे सुधारा जाए और उसके लिए कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे। इससे आवेदक को बार-बार आपत्तियों के निस्तारण के लिए GDA के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और मानचित्र कम समय में पास कराने में मदद मिलेगी। इसके लिए जेम पोर्टल के माध्यम से हेस्टाबिट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है। फर्म ने काम शुरू कर दिया है। फिलहाल GDA की वेबसाइट पर आवासीय भवनों के मानचित्र आवेदनों की AI आधारित जांच शुरू हो चुकी है। इसकी औपचारिक लॉन्चिंग जल्द की जाएगी।
AI आधारित जांच का उद्देश्य मानचित्रों में शुरुआती स्तर पर ही नियमों से जुड़ी कमियों को पकड़ना है, ताकि आवेदन आगे बढ़ने के बाद बार-बार आपत्ति लगाने या संशोधन कराने की स्थिति कम हो। यह व्यवस्था माडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 के अनुरूप विकसित की गई है। जीडीए बोर्ड की बैठक में भी इस व्यवस्था को मंजूरी मिल चुकी है। अपलोड करने से पहले जान सकेंगे कमियां इस व्यवस्था में आवेदक मानचित्र अपलोड करने से पहले ही इस प्लेटफार्म के जरिए कमियां पूछ सकेगा। आवेदक को उन कमियों को AI के माध्यम से बताया जाएगा, जिसे दूर करना होगा। उसे दूर करने के लिए कौन से प्रपत्र जरूरी हैं, यह भी AI बता देगा। नया आवेदक आवेदन से पहले अपनी जरूरत के अनुसार यह पूछ सकेगा कि उसे कौन-कौन से कागज लगाने होंगे और मानचित्र के क्या नियम होते हैं। इसके लिए 6 महीने में आने वाली आपत्तियों और कमियों का अध्ययन करके अपलोड किया जाएगा। इन 6 महीनों की कमियों के आधार पर ही AI मानचित्र का परीक्षण करेगा। व्यावसायिक के बाद संस्थागत मानचित्रों की भी होगी जांच जीडीए के अनुसार अभी आवासीय मानचित्रों की जांच की सुविधा लाइव हो चुकी है। व्यावसायिक भवनों के मानचित्रों की जांच अगले एक-दो दिनों में शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद संस्थागत भवनों के मानचित्रों की जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि AI केवल जांच और कमियों की पहचान में सहायता करेगा। मानचित्र को स्वीकृत करना अथवा निरस्त करने का अंतिम निर्णय अधिकृत अधिकारी ही लेंगे। इससे तकनीक के इस्तेमाल के साथ निर्णय प्रक्रिया का प्रशासनिक नियंत्रण भी अधिकारियों के पास बना रहेगा। मानचित्रों का निस्तारण तेज होने से अधिक आवेदन स्वीकृत होने और जीडीए की मानचित्र स्वीकृति से होने वाली आय बढ़ने की भी उम्मीद है। GDA के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि मानचित्र मित्र के लिए एक फर्म का चयन कर लिया गया है। फर्म की ओर से काम शुरू किया जा चुका है। इस समय यह प्लेटफार्म वेबसाइट पर आवासीय मानचित्रों के आवेदनों की जांच के लिए क्रियाशील है। जल्द ही व्यावसायिक मानचित्रों व संस्थागत मानचित्रों के आवेदनों की जांच की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

