लखनऊ विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से स्मार्ट इंडिया इंटर्नल हैकाथॉन-2026 का आयोजन किया गया। इसमें 126 टीमों के 756 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, डिफेंस, कृषि और इंटरनेट ऑफ थिंग्स से जुड़े तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। इनमें से 50 टीमों के आइडिया को राष्ट्रीय स्तर की स्क्रीनिंग के लिए चुना गया। कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय के डीन प्रो. सतेंद्र पाल सिंह ने की। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. हिमांशु पांडेय ने बताया कि हैकाथॉन आठ सत्रों में किया गया। इसके लिए 18 जूरी पैनल बनाए गए थे। 50 टीमों को आगे की प्रक्रिया के लिए चयनित किया विद्यार्थियों ने समाज और उद्योग से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए टीम बनाकर काम किया। जूरी ने आइडिया की नवीनता, तकनीकी उपयोगिता, समस्या समाधान की क्षमता और वास्तविक जीवन में इस्तेमाल की संभावनाओं के आधार पर प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया। स्क्रीनिंग के बाद 50 टीमों को आगे की प्रक्रिया के लिए चयनित किया गया। चयनित टीमों की राष्ट्रीय स्तर पर स्क्रीनिंग होगी प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. सत्य भूषण वर्मा ने कहा कि हैकाथॉन सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीखने, प्रयोग करने और नए समाधान विकसित करने का मंच है। चयनित टीमों के आइडिया की राष्ट्रीय स्तर पर स्क्रीनिंग होगी। उन्हें समाधान बेहतर बनाने के लिए मेंटोरिंग और प्रशिक्षण भी मिलेगा। नवंबर में ग्रैंड फिनाले के लिए शॉर्टलिस्ट टीमों की घोषणा होगी। दिसंबर में होने वाले फिनाले में टीमें अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी।

