पटना नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक 4,771 नई संपत्तियों को नगर निगम के टैक्स दायरे में शामिल किया गया है। इन संपत्तियों के मालिकों ने सेल्फ असेसमेंट के माध्यम से अपनी संपत्ति का टैक्स तय कराया। इनमें से 67.13 प्रतिशत संपत्तिधारकों ने मौके पर ही प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर दिया। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर निगम की ओर से कर दायरे से बाहर की संपत्तियों को चिह्नित करने, पुरानी संपत्तियों का दोबारा कर निर्धारण करने और बकायेदारों से लंबित कर वसूलने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 4,911 संपत्तियों का दोबारा होगा टैक्स असेसमेंट निगम की ओर से केवल नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने पर ही जोर नहीं दिया जा रहा है, बल्कि पहले से टैक्स के दायरे में शामिल संपत्तियों का भी दोबारा आकलन किया जा रहा है। अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक 4,911 संपत्तियों का दोबारा टैक्स असेसमेंट किया गया। इनमें वे संपत्तियां शामिल हैं, जिनके निर्माण क्षेत्रफल, उपयोग, स्वरूप या अन्य विवरण में मूल टैक्स असेसमेंट के बाद बदलाव हुआ है। निगम के अनुसार, संपत्तिधारकों द्वारा खुद आगे आकर दोबारा कर निर्धारण कराना कर व्यवस्था के प्रति जागरूकता का संकेत है। सर्वे में 137 संपत्तियां मिलीं, 100 प्रतिशत पेनाल्टी फील्ड सर्वे के दौरान निगम की टीमों ने 137 ऐसी संपत्तियों को चिह्नित किया, जिनका वास्तविक विवरण पहले दर्ज कराए गए विवरण से अलग पाया गया। इन संपत्तियों का दोबारा मूल्यांकन किया गया और नियमानुसार 100 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई गई। निगम का कहना है कि संपत्ति कर का सही निर्धारण जरूरी है, ताकि सभी संपत्तिधारकों से नियमानुसार कर वसूला जा सके और कर व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। अभियान के पहले दिन 108 नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट संपत्ति कर संवर्धन अभियान की शुरुआत शुक्रवार को सभी छह अंचलों में की गई। अभियान के पहले दिन 108 ऐसी संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया, जो अब तक कर के दायरे से बाहर थीं। इसके अलावा 35 संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन किया गया। इस दौरान निगम की टीमों ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, अपार्टमेंट और अन्य कर योग्य संपत्तियों का स्थल निरीक्षण किया। अभियान के पहले दिन निगम को कुल 27.90 लाख रुपये का संपत्ति कर प्राप्त हुआ। तीन स्तर पर काम कर रही हैं विशेष टीमें राजस्व संग्रहण को बढ़ाने के लिए निगम ने तीन स्तर पर विशेष टीमें बनाई हैं। पहली टीम कर दायरे से बाहर की नई संपत्तियों का निर्धारण कर रही है। दूसरी टीम पुरानी संपत्तियों का पुनः कर निर्धारण और रिकॉर्ड अपडेट करने में जुटी है। तीसरी टीम बकायेदारों से लंबित संपत्ति कर की वसूली कर रही है। प्रत्येक टीम और कर्मी को प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है। सभी अंचलों में वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यपालक पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी और टैक्स कलेक्टर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। SMS, फोन और डोर-टू-डोर अभियान निगम की ओर से संपत्ति कर के स्व-निर्धारण और समय पर भुगतान के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। संपत्तिधारकों को प्रतिदिन SMS भेजे जा रहे हैं। राजस्व टीमों द्वारा घर-घर जाकर भी लोगों को कर निर्धारण और भुगतान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा निगम के कंट्रोल रूम से फोन कर संपत्तिधारकों को कर जमा करने की जानकारी दी जा रही है। नगर निगम का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सभी संपत्तियों का सही और अद्यतन कर निर्धारण सुनिश्चित करना है। इससे निगम के अपने राजस्व स्रोत मजबूत होंगे और शहर में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। पटना नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक 4,771 नई संपत्तियों को नगर निगम के टैक्स दायरे में शामिल किया गया है। इन संपत्तियों के मालिकों ने सेल्फ असेसमेंट के माध्यम से अपनी संपत्ति का टैक्स तय कराया। इनमें से 67.13 प्रतिशत संपत्तिधारकों ने मौके पर ही प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर दिया। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर निगम की ओर से कर दायरे से बाहर की संपत्तियों को चिह्नित करने, पुरानी संपत्तियों का दोबारा कर निर्धारण करने और बकायेदारों से लंबित कर वसूलने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 4,911 संपत्तियों का दोबारा होगा टैक्स असेसमेंट निगम की ओर से केवल नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने पर ही जोर नहीं दिया जा रहा है, बल्कि पहले से टैक्स के दायरे में शामिल संपत्तियों का भी दोबारा आकलन किया जा रहा है। अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक 4,911 संपत्तियों का दोबारा टैक्स असेसमेंट किया गया। इनमें वे संपत्तियां शामिल हैं, जिनके निर्माण क्षेत्रफल, उपयोग, स्वरूप या अन्य विवरण में मूल टैक्स असेसमेंट के बाद बदलाव हुआ है। निगम के अनुसार, संपत्तिधारकों द्वारा खुद आगे आकर दोबारा कर निर्धारण कराना कर व्यवस्था के प्रति जागरूकता का संकेत है। सर्वे में 137 संपत्तियां मिलीं, 100 प्रतिशत पेनाल्टी फील्ड सर्वे के दौरान निगम की टीमों ने 137 ऐसी संपत्तियों को चिह्नित किया, जिनका वास्तविक विवरण पहले दर्ज कराए गए विवरण से अलग पाया गया। इन संपत्तियों का दोबारा मूल्यांकन किया गया और नियमानुसार 100 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई गई। निगम का कहना है कि संपत्ति कर का सही निर्धारण जरूरी है, ताकि सभी संपत्तिधारकों से नियमानुसार कर वसूला जा सके और कर व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। अभियान के पहले दिन 108 नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट संपत्ति कर संवर्धन अभियान की शुरुआत शुक्रवार को सभी छह अंचलों में की गई। अभियान के पहले दिन 108 ऐसी संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया, जो अब तक कर के दायरे से बाहर थीं। इसके अलावा 35 संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन किया गया। इस दौरान निगम की टीमों ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, अपार्टमेंट और अन्य कर योग्य संपत्तियों का स्थल निरीक्षण किया। अभियान के पहले दिन निगम को कुल 27.90 लाख रुपये का संपत्ति कर प्राप्त हुआ। तीन स्तर पर काम कर रही हैं विशेष टीमें राजस्व संग्रहण को बढ़ाने के लिए निगम ने तीन स्तर पर विशेष टीमें बनाई हैं। पहली टीम कर दायरे से बाहर की नई संपत्तियों का निर्धारण कर रही है। दूसरी टीम पुरानी संपत्तियों का पुनः कर निर्धारण और रिकॉर्ड अपडेट करने में जुटी है। तीसरी टीम बकायेदारों से लंबित संपत्ति कर की वसूली कर रही है। प्रत्येक टीम और कर्मी को प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है। सभी अंचलों में वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यपालक पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी और टैक्स कलेक्टर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। SMS, फोन और डोर-टू-डोर अभियान निगम की ओर से संपत्ति कर के स्व-निर्धारण और समय पर भुगतान के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। संपत्तिधारकों को प्रतिदिन SMS भेजे जा रहे हैं। राजस्व टीमों द्वारा घर-घर जाकर भी लोगों को कर निर्धारण और भुगतान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा निगम के कंट्रोल रूम से फोन कर संपत्तिधारकों को कर जमा करने की जानकारी दी जा रही है। नगर निगम का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सभी संपत्तियों का सही और अद्यतन कर निर्धारण सुनिश्चित करना है। इससे निगम के अपने राजस्व स्रोत मजबूत होंगे और शहर में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

